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सर्पदंश के बाद अस्पताल ले जाने में हुई देरी, झाड़-फूंक के भरोसे रही महिला की गई जान

कैमूर में सर्पदंश से महिला की मौत, झाड़-फूंक के भरोसे रही जान | Chainpur News

Bihar: कैमूर जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत तिवई गांव में सर्पदंश की शिकार एक महिला की उपचार में देरी होने के कारण मौत हो गई। परिजनों के अनुसार महिला को जहरीले सांप ने काट लिया था, लेकिन तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराई गई। हालत बिगड़ने पर जब अस्पताल पहुंचाया गया, तब तक काफी देर हो चुकी थी। मृतका की पहचान तिवई गांव निवासी 44 वर्षीय दुर्गा देवी, पति हरिवंश पासवान, के रूप में हुई है। घटना मंगलवार रात करीब 9 बजे की बताई जा रही है।

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शौच के लिए गई थीं, तभी सांप ने काटा
परिजनों ने बताया कि दुर्गा देवी मंगलवार रात गांव की अन्य महिलाओं के साथ बधार में शौच के लिए गई थीं। इसी दौरान उन्हें किसी जहरीले सांप ने डंस लिया। घर लौटने पर उन्होंने परिजनों को सर्पदंश की जानकारी दी। इसके बाद परिवार के लोग उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने के लिए एक
बताया जाता है कि कुछ समय तक स्थिति सामान्य प्रतीत होने पर महिला को वापस घर लाया गया, लेकिन देर रात अचानक उनकी तबीयत फिर बिगड़ने लगी। इसके बाद दोबारा झाड़-फूंक कराई गई, मगर कोई फायदा नहीं हुआ। आखिरकार परिजन उन्हें इलाज के लिए भभुआ सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
दुर्गा देवी अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। परिजनों के अनुसार उनके तीन पुत्रियां और दो पुत्र हैं। इनमें दो पुत्रियों का विवाह हो चुका है, जबकि एक पुत्री और दोनों पुत्रों का विवाह होना बाकी है। अचानक हुई इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

पुलिस ने कराया पोस्टमार्टम
घटना की सूचना मिलने के बाद चैनपुर थाना पुलिस भभुआ सदर अस्पताल पहुंची। थाना अध्यक्ष विजय प्रसाद ने बताया कि सर्पदंश से महिला की मौत की सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

जागरूकता की जरूरत
ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी सर्पदंश के मामलों में झाड़-फूंक जैसी परंपराओं पर भरोसा किया जाता है, जबकि चिकित्सक सर्पदंश की स्थिति में तत्काल अस्पताल पहुंचने की सलाह देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार समय पर एंटी-वेनम उपचार मिलने से अधिकांश मरीजों की जान बचाई जा सकती है।

 

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