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विवाह के दौरान उनके पिता ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार चार लाख रुपये नकद, लगभग पांच लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण तथा अन्य घरेलू सामान उपहार स्वरूप दिए थे।
आरोप है कि शादी के कुछ दिनों बाद ही पति और ससुराल पक्ष के लोगों ने दहेज में चार पहिया वाहन (कार) की मांग शुरू कर दी। जब मायके पक्ष ने आर्थिक असमर्थता जताई तो नेहा कुमारी के साथ लगातार मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किया जाने लगा।
पीड़िता का आरोप है कि इस प्रताड़ना में पति राकेश कुमार वर्मा, ससुर प्रेमचंद सेठ, सास फूलमती देवी, जेठानी, नंदोई और ननद भी शामिल थे। लगातार प्रताड़ना के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद मायके पक्ष के लोग उन्हें सेवराई, जिला गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) स्थित मायके ले गए, जहां उनका इलाज कराया गया। स्वस्थ होने के बाद नेहा कुमारी ने चैनपुर थाना में शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं होने पर उन्होंने न्यायालय में वाद दायर किया। न्यायालय के निर्देश के बाद चैनपुर थाना में मामले की प्राथमिकी दर्ज की गई। इस संबंध में पूछे जाने पर चैनपुर थानाध्यक्ष विजय प्रसाद ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है तथा मामले की जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
