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पुलिस को दिए आवेदन में परसिया गांव निवासी स्वर्गीय पोतन बिंद के पुत्र जनवरी बिंद ने बताया है कि 30 जुलाई की रात करीब 9 बजे वह अपने घर पर मौजूद थे। इसी दौरान गांव के ही मदन बिंद, मुरली बिंद, मनोहर बिंद, राजू बिंद और राहुल बिंद समेत करीब नौ लोग उनके दरवाजे पर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे।
आवेदन के अनुसार, जब जनवरी बिंद ने गाली-गलौज का विरोध किया तो आरोपित पक्ष के लोगों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। शोर सुनकर परिवार के अन्य सदस्य बीच-बचाव के लिए पहुंचे, लेकिन उनके साथ भी कथित तौर पर लाठी-डंडे से मारपीट की गई।
मारपीट में जनवरी बिंद के अलावा उनके भाई धनु बिंद, भतीजा अमलेश बिंद, रमेश बिंद, सुनीता देवी और राजी देवी घायल हो गए। घटना के बाद सभी घायल पहले चैनपुर थाना पहुंचे, जहां से पुलिस ने उन्हें इलाज के लिए चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। उपचार कराने के बाद पीड़ित पक्ष ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पीड़ित पक्ष ने आवेदन में मारपीट की मुख्य वजह सरकारी जमीन की बंदोबस्ती को बताया है। जनवरी बिंद के अनुसार, उक्त सरकारी जमीन की बंदोबस्ती उनके पक्ष में हुई है। इसी बात को लेकर दूसरे पक्ष के लोगों के साथ विवाद चल रहा था और इसी विवाद के कारण मारपीट की घटना हुई। इस संबंध में चैनपुर थानाध्यक्ष विजय प्रसाद ने बताया कि मारपीट की घटना को लेकर प्राप्त आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।