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मवेशी तस्करी का विरोध करना पड़ा भारी, ट्रक का पीछा कर रहे तीन युवकों को बदमाशों ने सड़क पर पीटा

कैमूर में पशु तस्करी का विरोध करने पर तीन युवकों की पिटाई, 112 पुलिस पर लापरवाही का आरोप

पशु तस्करी मामला

Bihar: कैमूर जिले के भभुआ थाना क्षेत्र में पशु तस्करी का विरोध करने पर तीन युवकों के साथ मारपीट की घटना सामने आई है। आरोप है कि ट्रक में लदे मवेशियों का पीछा कर रहे युवकों को बदमाशों ने रास्ते में रोककर बुरी तरह पीट दिया। घायल युवकों ने भभुआ थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराते हुए डायल 112 पुलिस पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है।

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पशु तस्करी मामला

घटना रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार भभुआ थाना क्षेत्र के भरीगावां गांव के पास मानव भारती स्कूल के समीप एक ट्रक में पशु लोड किए जा रहे थे। इसी दौरान गांव के तीन युवकों ने इसे देखा और ट्रक का पीछा करना शुरू कर दिया।

बताया जाता है कि जब ट्रक भभुआ–मोहनिया रोड होते हुए परासिया स्थित भाजपा कार्यालय के पास पहुंचा, तब वहां पहले से मौजूद 4 से 5 की संख्या में बाइक सवार लोगों ने युवकों को रोक लिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। इस हमले में भरीगावां गांव निवासी सोनू पटेल (पिता उदय प्रताप सिंह), नीतीश पटेल (पिता नंदलाल सिंह) और विकास पटेल (पिता रंजू सिंह) घायल हो गए।

घायलों का आरोप है कि जिस स्थान से ट्रक में पशु लोड किए जा रहे थे, वहां पहले से डायल 112 की पुलिस मौजूद थी। जब वे ट्रक की जांच करने पहुंचे तो पुलिस ने उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए उन्हें वहां से भगा दिया। बाद में जब ट्रक वहां से निकल गया तो वे उसका पीछा करने लगे, लेकिन रास्ते में तस्करों से जुड़े लोगों ने उन पर हमला कर दिया।

घटना के बाद घायल युवक भभुआ थाना पहुंचे और मामले की शिकायत दर्ज कराई। घायलों के साथ पहुंचे हिंदूवादी संगठन के प्रमुख उत्तम पटेल ने बताया कि युवकों को सूचना मिली थी कि ट्रक में मवेशी लदे हुए हैं। जब वे जांच करने पहुंचे तो वहां मौजूद डायल 112 की पुलिस ने उन्हें गाली देकर भगा दिया। बाद में ट्रक का पीछा करने पर तस्करों ने रास्ते में घेरकर मारपीट की।

वहीं विश्व हिंदू परिषद के जिला महामंत्री अमित कुमार ने कहा कि इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही हैं और अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी की जान भी जा सकती है। उन्होंने प्रशासन से 24 घंटे के भीतर कार्रवाई की मांग की है, अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी है।
इस पूरे मामले को लेकर पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई है और पीड़ितों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की अपील की है।

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