Home भभुआ मनरेगा घोटाले की फाइल फिर खुली: निजी पोखरे पर लाखों की योजना,...

मनरेगा घोटाले की फाइल फिर खुली: निजी पोखरे पर लाखों की योजना, कार्रवाई नहीं होने पर डीएम से लगाई गुहार

कैमूर में मनरेगा घोटाले का आरोप: निजी पोखरे के नाम पर लाखों की निकासी, डीएम से कार्रवाई की मांग

Bihar: कैमूर जिले में मनरेगा योजना के तहत कथित वित्तीय अनियमितता का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। भभुआ प्रखंड के जागेबरांव पंचायत अंतर्गत छोटका डिहरमा गांव में निजी जमीन पर स्थित एक पोखरे के जीर्णोद्धार के नाम पर लाखों रुपये की योजना स्वीकृत करने और राशि निकासी करने का आरोप लगाया गया है। आवेदक सुधांशु कुमार ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2024 में मनरेगा अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से एक निजी पोखरे को सरकारी योजना में शामिल करते हुए 9 लाख 7 हजार 241 रुपये की लागत का प्रोजेक्ट स्वीकृत कर दिया गया।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

NS News

 

इतना ही नहीं, योजना के नाम पर 1 लाख 45 हजार 920 रुपये की निकासी भी कर ली गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, मामले की जानकारी सामने आने के बाद उन्होंने तत्कालीन जिलाधिकारी सावन कुमार को आवेदन देकर जांच और कार्रवाई की मांग की थी। जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आई थीं। आरोप है कि परियोजना की लागत वास्तविक आवश्यकता से कई गुना अधिक दर्शाकर सरकारी राशि के दुरुपयोग की कोशिश की गई।

सूत्रों के अनुसार, जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन जिलाधिकारी ने संबंधित मनरेगा पीआरएस और जेई के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश उप विकास आयुक्त (डीडीसी) को दिया था। हालांकि, लगभग दो वर्ष बीत जाने के बावजूद अब तक किसी भी आरोपी कर्मी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। कार्रवाई में हो रही देरी से नाराज शिकायतकर्ता सुधांशु कुमार ने शुक्रवार को आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में जिलाधिकारी नितिन कुमार सिंह को पुनः आवेदन सौंपा। उन्होंने मनरेगा योजना में कथित फर्जीवाड़े की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने तथा सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल मामला प्रशासनिक स्तर पर विचाराधीन है और शिकायतकर्ता को कार्रवाई का इंतजार है।

Exit mobile version