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बताया गया कि बुधवार को दोनों घर के पास बहियार में मवेशियों को बांधने गए थे। इसी दौरान अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने दोनों पर हमला कर दिया। हमले के बाद दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।मधुमक्खियों के हमले में मुद्रिका देवी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, गंभीर रूप से घायल पेरू राणा को इलाज के लिए देवघर रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान रात में उनकी भी मौत हो गई। पति की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद बेंगलुरु में रहने वाले उनके पुत्र प्रकाश शर्मा, मुकेश शर्मा और पवन शर्मा फ्लाइट से गुरुवार सुबह गांव पहुंचे। वहीं, बड़े पुत्र फुलदेव शर्मा पहले से घर पर मौजूद थे। दोनों शव जब अंतिम संस्कार के लिए घर से निकले तो गांव का माहौल बेहद भावुक हो गया। पति-पत्नी की अर्थियां एक के पीछे एक निकलीं। बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम यात्रा में शामिल हुए। इसके बाद अजय नदी घाट पर दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया। ग्रामीण दीपक शर्मा के अनुसार, पेरू राणा और मुद्रिका देवी के बीच काफी गहरा लगाव था। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों अक्सर साथ-साथ रहते थे और गांव में उनके प्रेम और आपसी लगाव की चर्चा होती थी। दंपती की मौत के बाद उनके चार पुत्रों और तीन पुत्रियों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, नगरी गांव में शोक का माहौल है।