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अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि संभावित बाल विवाह की घटनाओं पर कड़ी नजर रखी जाए, खासकर 19 अप्रैल को पड़ने वाले अक्षय तृतीया के अवसर पर। इस दिन पारंपरिक रूप से विवाह अधिक होने के कारण जोखिम बढ़ जाता है। बैठक में BDO, BEO और CDPO को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय निगरानी रखने को कहा गया। साथ ही जीविका दीदियों और विकास मित्रों को गांव-गांव जाकर जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और महिला हेल्पलाइन 181 के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया, ताकि किसी भी संदिग्ध बाल विवाह की सूचना तुरंत प्रशासन तक पहुंच सके।
इसके अलावा, प्रिंटिंग प्रेस संचालकों को विवाह कार्ड पर बाल विवाह निषेध से जुड़े संदेश छापने के निर्देश दिए गए। वहीं मैरिज हॉल, बैंक्वेट हॉल और टेंट हाउस संचालकों को साफ तौर पर कहा गया कि वे नाबालिगों के विवाह में किसी भी तरह की सेवा उपलब्ध न कराएं। मंदिरों के पुजारियों और प्रबंधन समितियों को भी विशेष सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है। अंत में अनुमंडल पदाधिकारी ने चेतावनी दी कि बाल विवाह में शामिल किसी भी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।