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उपस्थित बच्चों के बीच मौजूद शिक्षकों के द्वारा बताया गया कि जवाहरलाल नेहरु की मृत्यु के पहले भारत में 20 नवंबर को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता था, मगर पंडित नेहरू की मृत्यु के बाद उनकी जयंती को भारत में बाल दिवस की तारीख के रूप में चुना गया जिसका मुख्य कारण यह था कि पंडित नेहरू को छोटे बच्चों से कुछ विशेष लगाव था, बच्चे उन्हें चाचा नेहरू के नाम से पुकारते थे, जिस कारण से 14 नवंबर जवाहर नेहरू की जयंती के रूप में बाल दिवस मनाया जाता है।
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वही डिविजनल सनबीम पब्लिक स्कूल चैनपुर में बाल दिवस के अवसर पर बच्चे एवं बच्चियों के बीच प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, इससे जुड़ी जानकारी देते हुए स्कूल के डायरेक्टर राकेश कुमार गिरी के द्वारा बताया गया कि 14 नवंबर बाल दिवस के अवसर पर विद्यालय में बच्चों के बीच क्विज कंपटीशन जिसमें जनरल नॉलेज, साइंस, मैथ आदि शामिल किए गए थे, लड़कियों के लिए चेयर रेस, छोटे बच्चों के लिए टॉफी रेस, सीनियर बच्चों के लिए दम लगा के हईशा रेस सहित अन्य कई तरह के आयोजन हुए।
जिसके बाद इस कंपटीशन में प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर आने वाले बच्चे एवं बच्चियों के बीच विद्यालय के डायरेक्टर राकेश कुमार गिरी ने पुरस्कार वितरण किया, वितरण किए गए पुरस्कार में वाटर बोतल, पेन, पेंसिल, पेंसिल बॉक्स, कॉपी, मेडल एवं मोमेंटो आदि सामग्रियां शामिल थी, वही स्कूल के अन्य ऐसे बच्चे जो कंपटीशन में हिस्सा नहीं लिए थे उन सभी बच्चों के बीच टॉफी का वितरण करते हुए बाल दिवस की शुभकामना दी गई।
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