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चिराग पासवान ने कहा कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाने से पहले यह भी देखा जाना चाहिए कि जिन राज्यों में विपक्षी दल चुनाव जीतकर सरकार बनाते हैं, वहां चुनाव परिणामों को लेकर इसी तरह की आपत्ति क्यों नहीं जताई जाती। उन्होंने केरल और हिमाचल प्रदेश का उदाहरण देते हुए विपक्ष से इस रवैये पर स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव प्रक्रिया या SIR में गंभीर खामी है, तो उन राज्यों में विपक्ष की जीत पर भी सवाल उठने चाहिए, जहां उसने चुनावी सफलता हासिल की है। उनके मुताबिक, केवल अपनी राजनीतिक सुविधा के अनुसार चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
चिराग ने चुनाव आयोग को स्वतंत्र संवैधानिक संस्था बताते हुए कहा कि उसकी विश्वसनीयता बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर किसी दल को कोई आपत्ति है तो उसे तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए। गौरतलब है कि SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी सामने आई है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग की ओर से प्रक्रिया को लेकर स्पष्टीकरण दिया जा चुका है। इसी मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार जारी है।