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बांग्लादेश में हिंदुओं पर कथित अत्याचार के विरोध में विहिप व बजरंग दल का आक्रोश मार्च, मोहम्मद यूनुस का फूंका पुतला

बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के विरोध में भभुआ में विहिप-बजरंग दल का आक्रोश मार्च

बांग्लादेश हिंदू अत्याचार, भभुआ आक्रोश मार्च

कैमूर (भभुआ): बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचार के विरोध में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) एवं बजरंग दल के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को भभुआ शहर में आक्रोश मार्च निकाला गया। यह मार्च भभुआ नगर परिषद मैदान से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए एकता चौक पहुंचा, जहां बांग्लादेश के प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस का पुतला दहन किया गया।

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बांग्लादेश हिंदू अत्याचार, भभुआ आक्रोश मार्च

आक्रोश मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने जय श्रीराम, हिंदुत्व जिंदाबाद और हिंदुओं पर अत्याचार बंद करो जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन का नेतृत्व हिंदूवादी संगठन के सदस्य अमित कुमार उर्फ टिंकल ने किया।
एकता चौक पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए विश्व हिंदू परिषद के उत्तम पटेल ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के लोगों पर लगातार अत्याचार किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां मंदिरों और मठों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है तथा महिलाओं के साथ उत्पीड़न की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिसे भारत के हिंदू समाज किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगा।

उन्होंने केंद्र सरकार और देश की सभी राजनीतिक पार्टियों से अपील करते हुए कहा कि यह समय आपसी मतभेदों को भुलाकर एकजुट होने का है। उनका कहना था कि जिस तरह अन्य देशों को कड़ा जवाब दिया गया है, उसी तरह बांग्लादेश सरकार पर भी दबाव बनाया जाना चाहिए, ताकि वहां हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचारों को रोका जा सके।

उत्तम पटेल ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो विश्व हिंदू परिषद पूरे देश में जन आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी।
इस मौके पर विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से प्रिंस सिंह, विष्णु जायसवाल, रामायण शास्त्री (धर्माचार्य), नित्यानंद सिंह, अभिषेक गोंड, रत्नेश चंचल सहित दर्जनों कार्यकर्ता शामिल थे।

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