Bihar, कैमूर (चैनपुर): कैमूर जिले के चैनपुर प्रखंड क्षेत्र में पईन के क्षतिग्रस्त और जर्जर अवस्था में रहने के कारण किसानों की फसल बर्बाद होने का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम मसोई निवासी किसान शिव प्रसाद साह ने नाली के गंदे पानी से हो रहे फसल नुकसान को लेकर चैनपुर अंचलाधिकारी (सीओ) से न्याय की गुहार लगाई है।
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किसान शिव प्रसाद साह, पिता स्वर्गीय गुलाब साह ने बताया कि ग्राम रुपिन मौजा स्थित पईन संख्या 36 की स्थिति काफी समय से अत्यंत जर्जर बनी हुई है। यह पईन अब लगभग समाप्ति के कगार पर पहुंच चुकी है और कई स्थानों पर पाट दी गई है। पईन के क्षतिग्रस्त होने के कारण स्थानीय ग्रामीणों के घरों से निकलने वाला नाली का गंदा पानी पईन के रास्ते खेतों की ओर बह रहा है, जो सीधे उनके खेत में प्रवेश कर रहा है।
उन्होंने बताया कि इस गंदे पानी के खेत में जमा होने से गेहूं की फसल बुरी तरह प्रभावित हो रही है। कई हिस्सों में फसल पूरी तरह नष्ट होने की कगार पर है, जिससे किसान को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। फसल खराब होने को लेकर गांव में आपसी तनाव की स्थिति भी उत्पन्न हो गई है, जिससे कभी भी विवाद की आशंका बनी हुई है।
किसान शिव प्रसाद साह के अनुसार, इस समस्या को लेकर वे पूर्व में भी चैनपुर अंचल कार्यालय में आवेदन दे चुके हैं और पईन की मरम्मत एवं निर्माण कराने की मांग की थी। लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से समस्या और गंभीर हो गई है। मजबूर होकर उन्होंने एक बार फिर अंचलाधिकारी को आवेदन देकर भूमि की मापी कराते हुए पईन संख्या 36 का पूर्ण निर्माण कराने की मांग की है, ताकि नाली का गंदा पानी खेतों में जाने से रोका जा सके।
किसान ने प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते पईन का निर्माण और मरम्मत नहीं कराई गई, तो न सिर्फ उनकी फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी, बल्कि गांव में तनाव की स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।