Bihar: कैमूर जिले के चैनपुर प्रखंड क्षेत्र के मलिक सराय में बिहार राज्य लोहार महासभा कैमूर के तत्वधान में विश्वकर्मा मंदिर का 83 वां वार्षिकोत्सव स्थापना दिवस मनाया गया, जिस के मुख्य अतिथि चैनपुर के विधायक सा अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री बिहार सरकार मोहम्मद रमाकांत रहे साथ में बिहार के पूर्व मंत्री सह अनुसूचित जाति जनजाति आयोग अध्यक्ष बिहार सरकार के संतोष कुमार निराला रहे, आयोजित स्थापना दिवस पर लोहार समाज के उत्थान को लेकर वक्ताओं के द्वारा अपने मंतव्य दिए गए, मौके पर समाजसेवी रमेश जायसवाल भी रहे।
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के पर मौजूद वक्ताओं के द्वारा लोगों को संबोधित करते हुए कहा गया, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा लोहार जाति को अनुसूचित जनजाति से वंचित करने का एकपक्षीय फैसला घोर निंदनीय है, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पूर्व के निर्णय को अनदेखी करते हुए कुछ लोगों के व्यक्तिगत निर्णय को मुख्य बिंदु मानते हुए इस तरह का निर्णय देना सरासर गलत है, और असंवैधानिक है, सहित कई बातें कही गई, लोहार समाज के द्वारा बिहार सरकार से मांग करते हुए कहा गया न्यायालय द्वारा पारित निर्णय को तत्काल रोक लगाने के लिए यथोचित कार्रवाई की जाए ताकि इस समुदाय का विकास हो सके।
गांवों में अब मनमानी नहीं चलेगी, विज्ञापन से लेकर भवन निर्माण तक पंचायतों की होगी सीधी निगरानी
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नई व्यवस्था के तहत पंचायत क्षेत्र में होर्डिंग, बैनर, पोस्टर और अन्य व्यावसायिक विज्ञापन बिना अनुमति नहीं लगाए जा सकेंगे। पंचायतें इन पर निर्धारित शुल्क वसूल सकेंगी, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी होगी। अभी तक बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 में इस तरह के शुल्क का प्रावधान नहीं होने के कारण पंचायतें इस स्रोत से कोई राजस्व प्राप्त नहीं कर पाती थीं।
सरकार ने विधेयक में यह भी प्रस्ताव रखा है कि भविष्य में जरूरत के अनुसार पंचायतों को अन्य मदों में भी शुल्क लगाने का अधिकार दिया जा सके, जिससे वे अपने स्वयं के संसाधन (Own Source Revenue) बढ़ाकर विकास कार्यों पर अधिक खर्च कर सकें।
संशोधन विधेयक में ग्रामीण इलाकों में तेजी से बढ़ रहे अपार्टमेंट, व्यावसायिक भवनों और अन्य बड़े निर्माण कार्यों को नियमित करने का भी प्रावधान किया गया है। इसके तहत पंचायतों को गैर-आयोजना क्षेत्रों में भवन निर्माण की योजना की स्वीकृति, नक्शा पास करने और निर्माण पूरा होने पर पूर्णता प्रमाण-पत्र (Completion Certificate) जारी करने की व्यवस्था विकसित करने का अधिकार मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से गांवों में सड़क, जल निकासी, पार्क, सीवरेज, स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं को ध्यान में रखकर विकास योजनाएं लागू की जा सकेंगी। साथ ही निर्माण मानकों का उल्लंघन करने वाले अवैध भवनों पर प्रभावी कार्रवाई भी संभव होगी। यदि यह संशोधन विधेयक पारित हो जाता है, तो बिहार की ग्राम पंचायतों को न केवल वित्तीय रूप से मजबूती मिलेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में अनियंत्रित निर्माण और अवैध विज्ञापनों पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
वही अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमा खान के द्वारा लोगों को संबोधित करते हुए आश्वासन दिया, लोहार समाज के उत्थान के लिए सरकार से इनके द्वारा बात की जाएगी, इस मौके पर हरिहर शर्मा, जगन्नाथ शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष राम चेला शर्मा, जिला अध्यक्ष राम सिंहासन शर्मा, लोजपा झारखंड प्रदेश अध्यक्ष श्रीकांत विश्वकर्मा, शिवकुमार शर्मा सहित अन्य लोहार समाज के लोग उपस्थित रहे।
मजदूरों से भरी पिकअप पलटी, 20 से अधिक घायल, 6 की हालत गंभीर, NH-219 निर्माण के दौरान सड़क पर फैली कीचड़ बनी हादसे की वजह
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जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत हाटा के करीब 40 से 50 मजदूर एक पिकअप वाहन पर सवार होकर चांद प्रखंड के गोई गांव धान की रोपनी करने जा रहे थे। इसी दौरान जिगना गांव के पास वाहन अचानक नियंत्रण खो बैठा और सड़क किनारे पलट गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
गंभीर रूप से घायल लोगों में उर्मिला देवी (25), धाना देवी, छोटू राम (40), तेजू धोबी (45), मुन्नी देवी (55) और वकील कुमार (20) शामिल हैं।
इनके अलावा सीमा देवी, शीला देवी, निर्मला देवी, लक्ष्मिणा देवी, रानी देवी, संजू देवी, तेतरा देवी, कुसुम देवी, जगदीश राम, जितेंद्र राम सहित कई अन्य मजदूर भी घायल हुए हैं।
घायलों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-219 के निर्माण कार्य के दौरान सड़क पर मिट्टी बिखरी हुई थी। लगातार बारिश के कारण वही मिट्टी कीचड़ में बदल गई, जिससे पिकअप का संतुलन बिगड़ गया और वाहन पलट गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है, वहीं हादसे के बाद सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।



