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आवेदन के अनुसार शुरुआती पांच माह का कुल 75 हजार रुपये किराया उन्हें मिला, लेकिन उसके बाद करीब दो वर्षों से न तो किराया दिया गया और न ही वाहन वापस किया गया। कई बार संपर्क करने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकल सका। पीड़ित का आरोप है कि जब वह बकाया किराया मांगने एजाज अंसारी के पास पहुंचे तो उसने रुपये देने से साफ इनकार कर दिया और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की।
पूछताछ करने पर एजाज ने यह भी बताया कि वाहन रुद्राक्ष सिंह के पास भेज दिया गया है। इसके बाद वाहन का कोई पता नहीं चल सका। वाहन और बकाया राशि वापस दिलाने की मांग को लेकर राकेश यादव ने चैनपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले में थानाध्यक्ष ने बताया कि आवेदन के आधार पर सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुरूप आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।