Bihar: कैमूर जिला समाहरणालय, में सोमवार को जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजस्व वसूली, दाखिल-खारिज (म्यूटेशन), भूमि विवादों के निपटारे तथा विशेष सर्वेक्षण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
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राजस्व वसूली में लापरवाही बर्दाश्त नहीं — डीएम
जिला पदाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया कि राजस्व वसूली के निर्धारित लक्ष्य को हर हाल में शत-प्रतिशत पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि “राजस्व वसूली में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
लंबित म्यूटेशन मामलों पर नाराजगी
बैठक के दौरान डीएम ने दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) से जुड़े लंबित आवेदनों पर गंभीर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी देरी पर संबंधित कर्मी एवं पदाधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
भूमि विवादों के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता
जिला पदाधिकारी ने भूमि विवादों के त्वरित समाधान को अत्यधिक प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
उन्होंने थाना व अंचल स्तर पर नियमित रूप से जनता दरबार आयोजित करने तथा अधिक से अधिक मामलों को आपसी सहमति से निपटाने पर बल दिया।
दैनिक समीक्षा का निर्देश
भूमि सुधार उप समाहर्ता, भभुआ एवं मोहनिया को प्रतिदिन अंचल कार्यालयों के कार्यों की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया, ताकि किसी भी प्रकार की बाधा या देरी तुरंत चिन्हित कर दूर की जा सके।
जनता के प्रति संवेदनशीलता और पारदर्शिता पर जोर
डीएम ने सभी राजस्व अधिकारियों को जनता के प्रति संवेदनशील रहने, पारदर्शिता बनाए रखने और सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर आम जनता तक पहुँचाने का निर्देश दिया।
उन्होंने चेतावनी दी कि कर्तव्यहीनता या लापरवाही पाए जाने पर दोषी अधिकारी के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मौजूद अधिकारी
समीक्षा बैठक में अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उप समाहर्ता (भभुआ/मोहनिया), सभी अंचलाधिकारी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।