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जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को विद्यालय की शिक्षिका आभा कुमारी ने 50 रुपये चोरी होने के संदेह में छात्रा की छड़ी से पिटाई कर दी। घर पहुंचने पर छात्रा ने परिजनों को शरीर पर पड़े चोट के निशान दिखाए, जिसके बाद परिजन आक्रोशित हो गए। मामले की लिखित शिकायत कोढ़ा थाना और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को सौंपी गई। शनिवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण विद्यालय पहुंचे और शिक्षिका के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। स्थिति बिगड़ती देख विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष चंदन कुमार ने हस्तक्षेप कर लोगों को शांत कराया। इसके बाद विद्यालय शिक्षा समिति, शिक्षकों और ग्रामीणों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान शिक्षिका ने छात्रा को 15 छड़ी मारने की बात स्वीकार करते हुए भविष्य में ऐसी गलती नहीं दोहराने का आश्वासन दिया। इसके बाद पंचायत ने प्रति छड़ी 3 हजार रुपये के हिसाब से कुल 45 हजार रुपये अर्थदंड लगाने का निर्णय लिया। इस राशि में से 10 हजार रुपये छात्रा के इलाज के लिए दिए गए, जबकि 35 हजार रुपये मंदिर विकास के लिए मंदिर समिति को सौंपे गए।
हालांकि पंचायत के इस फैसले के बावजूद प्रशासनिक कार्रवाई जारी है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी प्रियंका कुमारी ने शिक्षिका से स्पष्टीकरण मांगा है और मामले की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर विभागीय नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, इस मामले ने यह बहस भी छेड़ दी है कि विद्यालयों में बच्चों के साथ मारपीट जैसे मामलों का निपटारा केवल पंचायत स्तर पर आर्थिक दंड लगाकर किया जाना कितना उचित है।



