Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हत्यारों ने वारदात को बेहद क्रूर तरीके से अंजाम दिया। मृतक की नाक और दाहिने पैर की सबसे छोटी उंगली काट दी गई थी, जबकि माथे समेत शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए। कटे हुए अंग घटनास्थल से बरामद नहीं हुए हैं। मृतक के पिता अर्जुन मंडल ने गांव के ही प्रियरंजन स्वर्णकार और अमित स्वर्णकार पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि घर से सटी करीब एक डिसमिल जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच पिछले 20 वर्षों से विवाद चला आ रहा था। कई बार पंचायत हुई, जमीन की मापी भी कराई गई और दो माह पहले डायल-112 पुलिस भी मौके पर पहुंची थी, लेकिन विवाद का स्थायी समाधान नहीं निकल सका। परिजनों के अनुसार बुधवार सुबह मिथिलेश खेत में पटवन करने गया था। दोपहर में वह खाना खाने घर लौटा और शाम करीब तीन बजे उसने परिवार से फोन पर बात की। इसके बाद शाम छह बजे से उसका मोबाइल बंद हो गया।
देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजन और ग्रामीण पूरी रात उसकी तलाश करते रहे, लेकिन गुरुवार सुबह उसका शव बहियार से बरामद हुआ। बताया जाता है कि मिथिलेश परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था। पिता लंबे समय से गंभीर बीमारी के कारण बिस्तर पर हैं। वह अपनी जमीन नहीं होने के कारण करीब ढाई बीघा जमीन लीज पर लेकर खेती और मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। उसके निधन के बाद वृद्ध माता-पिता, पत्नी और दो वर्षीय पुत्र का सहारा छिन गया है। घटना की सूचना पर पोठिया थानाध्यक्ष नवीन कुमार, अपर थानाध्यक्ष अमित कुमार और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। फारेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। बाद में एसडीपीओ-2 कोढ़ा सुनील कुमार शर्मा ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एसडीपीओ-2 कोढ़ा सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



