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4th ANC में खराब प्रदर्शन पर दुर्गावती BCM का वेतन बंद
गर्भवती महिलाओं की चतुर्थ प्रसव पूर्व जांच यानी 4th ANC की समीक्षा में दुर्गावती प्रखंड की उपलब्धि महज 88.7 प्रतिशत पाई गई। जिले में सबसे कम प्रगति सामने आने पर जिला पदाधिकारी ने नाराजगी जताई। कार्य में लापरवाही और शिथिलता को गंभीरता से लेते हुए दुर्गावती के BCM से स्पष्टीकरण मांगने तथा तत्काल प्रभाव से वेतन अवरुद्ध करने का निर्देश दिया गया। वहीं लक्ष्य के अनुरूप अपेक्षित प्रगति नहीं करने वाले रामपुर, मोहनिया और कुदरा प्रखंड के संबंधित पदाधिकारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया।
सी-सेक्शन में कैमूर राज्य में दूसरे स्थान पर
समीक्षा के दौरान बताया गया कि सी-सेक्शन प्रसव के मामले में कैमूर राज्य में दूसरे स्थान पर है, जहां उपलब्धि 73 प्रतिशत दर्ज की गई है। सितंबर 2026 में जिले में कुल 231 सिजेरियन ऑपरेशन किए गए। जिला पदाधिकारी ने सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने के लिए सभी पात्र महिलाओं का संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य संस्थानों में सिजेरियन की आवश्यक सुविधाएं प्रभावी रखने का निर्देश दिया।
OPD के लिए निर्धारित होगा लक्ष्य, डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश
स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को मिलने वाली OPD सेवाओं की समीक्षा करते हुए प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान के लिए अनिवार्य OPD लक्ष्य निर्धारित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही रोस्टर के अनुसार विशेषज्ञ एवं सामान्य चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया। अस्पतालों में मरीजों के औसत प्रतीक्षा समय को कम करने और दवा काउंटर पर आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
ई-संजीवनी में 12,343 टेली-परामर्श, राज्य रैंकिंग में 16वां स्थान
ई-संजीवनी टेली-परामर्श की समीक्षा में बताया गया कि अगस्त 2026 के लिए कैमूर जिले को 20,815 टेली-परामर्श का मासिक लक्ष्य मिला था। इसके विरुद्ध जिले में 12,343 टेली-परामर्श पूरे किए गए। इस उपलब्धि के आधार पर कैमूर राज्य स्तरीय रैंकिंग में 16वें स्थान पर रहा। जिला पदाधिकारी ने टेली-कंसल्टेशन की संख्या बढ़ाकर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया। विशेष रूप से अधौरा जैसे पिछड़े प्रखंडों में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को गति देने पर जोर दिया गया।
BHAVYA पोर्टल पर EHR समेत सभी प्रविष्टियां शत-प्रतिशत करने का निर्देश
बैठक में स्वास्थ्य विभाग की डिजिटल प्रणाली BHAVYA के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई। OPD ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, मरीजों के वाइटल्स, इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड (EHR) और दवा वितरण की प्रविष्टियां शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जहां EHR प्रविष्टि में कमी पाई गई है, वहां उसे तत्काल दुरुस्त करने को कहा गया। साथ ही स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों के डिजिटल रिकॉर्ड को नियमित रूप से अपडेट करने और ऑनलाइन सेवाओं को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
NCD स्क्रीनिंग और एनीमिया जांच में तेजी लाने का निर्देश
गैर-संचारी रोग यानी NCD स्क्रीनिंग की समीक्षा के दौरान 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की बीपी, शुगर और कैंसर स्क्रीनिंग में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। राज्य पोर्टल और NP-NCD पोर्टल के बीच डेटा सिंक्रोनाइजेशन में मौजूद अंतर को दूर करने तथा चिन्हित मरीजों को समय पर उपचार और फॉलोअप उपलब्ध कराने को कहा गया। वहीं ‘एनीमिया मुक्त बिहार’ विशेष अभियान के तहत स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर शेष बच्चों एवं किशोरियों की जांच में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।
टीकाकरण और आयुष्मान कार्ड पर भी विशेष जोर
जिले में पूर्ण प्रतिरक्षण की शत-प्रतिशत उपलब्धि बनाए रखने के लिए छूटे हुए बच्चों को चिन्हित कर उनका टीकाकरण कराने पर बल दिया गया। आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा में सभी पात्र परिवारों का आयुष्मान कार्ड बनाने और अस्पतालों में भर्ती मरीजों के प्री-ऑथ की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया गया। आयुष्मान कार्ड निर्माण में कैमूर राज्य में दूसरे स्थान पर है। जिले में अब तक 7,75,856 से अधिक आयुष्मान कार्ड निर्गत किए जा चुके हैं।
स्वास्थ्य कर्मियों को लापरवाही नहीं बरतने की चेतावनी
बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी ने स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जनस्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी स्वास्थ्य कर्मी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें तथा जिले को स्वास्थ्य संबंधी सूचकांकों में बेहतर स्थिति में लाने के लिए निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करें।