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किसानों ने सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी चंदन कुमार चौहान एवं मधु मिलन वर्मा को रिश्वत मांगने से संबंधित ऑडियो भी सुनाया। इसके बाद अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकायत स्वीकार की और तत्काल कार्रवाई शुरू की। बताया गया कि किसानों ने सोमवार को ही कार्यालय पहुंचकर मौखिक रूप से शिकायत की थी, लेकिन अधिकारियों द्वारा उन्हें अगले दिन लिखित आवेदन देने को कहा गया। मंगलवार को सभी किसान एकजुट होकर कार्यालय पहुंचे और हस्ताक्षरयुक्त आवेदन सौंपा। शिकायत मिलने के बाद सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी ने संयुक्त आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि आरोपी अमीन अब भगवानपुर प्रखंड के किसी भी मौजा में सर्वे कार्य नहीं करेंगे। साथ ही मामले की सूचना पटना बंदोबस्त कार्यालय को भेजी जाएगी, जहां से अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
स्थानीय किसानों का कहना है कि विशेष भूमि सर्वेक्षण के दौरान कई जगहों पर किसानों का आर्थिक शोषण किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। हालांकि, चुआ मौजा के किसानों ने एकजुट होकर आवाज उठाई, जिसके बाद प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी। किसानों ने कहा कि यदि वे विरोध नहीं करते तो उन्हें लाखों रुपये रिश्वत के रूप में देने पड़ते। शिकायत करने वालों में सुरेंद्र कुमार, सीताराम बिंद, राजमणि, संतोष कुमार यादव, राजेश्वर पासी, पप्पू यादव, रामप्यारे बिंद, चुन्नू चेरो, सनोज चेरो, सुदामा चेरो, रमाशंकर पाल, रमेश मलाह, राकेश कुमार, रमेश यादव, प्रेमचंद वर्मा, राजमणि देवी सहित करीब दो दर्जन किसान शामिल हैं।