Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई वायरल वीडियो की जांच के बाद की गई। वीडियो में पीएम आवास योजना के तहत लाभार्थियों का नाम जोड़ने और पात्रता सत्यापन के दौरान नकद राशि के लेन-देन का दृश्य सामने आया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रखंड और जिला प्रशासन ने जांच कर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक ओम प्रकाश सिंह द्वारा चैनपुर थाना में दर्ज कराए गए आवेदन में बताया गया है कि ग्रामीण आवास सहायक चुनमुन पासवान, जो मूल रूप से नाटी गांव के निवासी हैं और वर्तमान में मोहनिया प्रखंड में पदस्थापित हैं, पर सिरबीट पंचायत में लाभार्थियों से रुपये लेने का आरोप है।
वायरल वीडियो में सिरबीट गांव निवासी धनंजय सिंह को नकद राशि देते हुए देखा गया है। यह कार्रवाई चैनपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) तथा कैमूर के उप विकास आयुक्त (डीडीसी) के निर्देश पर की गई। चैनपुर थानाध्यक्ष ने बताया कि भ्रष्टाचार से जुड़े इस मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आवश्यक चिकित्सीय जांच के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और वीडियो से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।