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सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसपी को अवगत कराया गया, जिसके बाद तत्काल छापेमारी के निर्देश दिए गए। छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने वाहन जांच केंद्र के पास दो झोपड़ियों में दबिश दी। इनमें एक झोपड़ी बनारस से आने वाले मार्ग पर और दूसरी मोहनियां से उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाली लेन में बनी हुई थी। दोनों स्थानों पर सैप जवान तैनात थे। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि कुछ लोग ट्रक चालकों से बिना किसी वैध प्रक्रिया के पैसे वसूल रहे थे। पूछताछ में आरोपित वसूली के संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। प्रारंभिक पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि यह गतिविधि लंबे समय से चल रही थी।
वहीं, कई ट्रक चालकों ने भी पुलिस को बताया कि उनसे जबरन पैसे लिए जाते थे, लेकिन बदले में न तो कोई सरकारी रसीद दी जाती थी और न ही मौके पर चालान काटने की कोई मशीन मौजूद थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दोनों स्थानों से कुल 57,760 रुपये नकद और नौ मोबाइल फोन जब्त किए। इस मामले में चार सैप जवानों समेत नौ लोगों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जब्त मोबाइल फोन की जांच से अवैध वसूली से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।



