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भजन-कीर्तन के बीच घुसी बेकाबू कार
बताया जा रहा है कि झूलन पर्व को लेकर मंदिर के पास बड़ी संख्या में ग्रामीण भजन-कीर्तन कर रहे थे। मंदिर सड़क के किनारे स्थित होने के कारण श्रद्धालुओं की मौजूदगी सड़क के काफी करीब थी। इसी दौरान पिपरा की ओर से आ रही कार के सामने लकड़ी से लदा ओवरलोड ट्रैक्टर आ गया। ट्रैक्टर को साइड देने के दौरान कार अनियंत्रित हो गई और सीधे श्रद्धालुओं की भीड़ में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में तीन लोगों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल दो लोगों की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
हादसे के बाद कार छोड़कर भागने की कोशिश
घटना के बाद कार चालक वाहन लेकर कुछ दूरी पर स्थित एक सुनसान गैराज में पहुंचा और कार छोड़कर फरार होने का प्रयास किया। हालांकि ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया। कार में चालक के अलावा उसकी पत्नी, आठ वर्षीय बेटी और एक महिला रिश्तेदार भी मौजूद थीं। आक्रोशित ग्रामीणों ने चारों को एक कमरे में बंद कर दिया। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा घेरा बनाया। करीब तड़के तीन बजे पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद चारों को ग्रामीणों के कब्जे से निकालकर थाने पहुंचाया।
मेडिकल जांच में शराब की पुष्टि नहीं
पुलिस ने कार चालक की मेडिकल जांच कराई। जांच में उसके शराब के नशे में होने की पुष्टि नहीं हुई। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को जब्त कर लिया है। अब दुर्घटना के वास्तविक कारण, वाहन की गति और चालक की भूमिका समेत अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
सड़क जाम कर मुआवजे और कार्रवाई की मांग
पांच लोगों की मौत की खबर फैलते ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने सुपौल-पिपरा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। ग्रामीण मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने और हादसे के जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई, जब शवों को ले जाने पहुंची पुलिस एंबुलेंस में आक्रोशित लोगों ने तोड़फोड़ कर दी। बाद में पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाकर सड़क जाम समाप्त कराया।
रातभर मौके पर डटी रही पुलिस
हादसे की गंभीरता को देखते हुए एसडीओ मनोहर कुमार साहु और डीएसपी राजीव रंजन के नेतृत्व में पुलिस बल देर रात तक घटनास्थल पर मौजूद रहा। बुधवार को भी कटैया गोठ में पुलिस की निगरानी जारी रही। पांच मौतों के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक के साथ आक्रोश का माहौल है। अब हादसे की जांच में सामने आने वाले तथ्यों और पुलिस की कार्रवाई पर ग्रामीणों की निगाहें टिकी हुई हैं।