Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
स्थानीय ग्रामीणों और पूजा समिति के सहयोग से विधि-विधान के साथ मां काली की पूजा की गई। पूरे दिन भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना का क्रम चलता रहा। शाम होते ही मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में भव्य मेले का आयोजन किया गया, जहां बच्चों और परिवारों की बड़ी संख्या देखने को मिली। मेले में तरह-तरह के खिलौनों, मिठाइयों और स्थानीय व्यंजनों की दुकानें लगाई गई थीं। ग्रामीणों ने मेले का भरपूर आनंद लिया और देर रात तक यहां चहल-पहल बनी रही। मध्य रात्रि तक मंदिर में पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी रहा और श्रद्धालु मां काली के चरणों में मत्था टेकते रहे।
बताया जाता है कि नगर पंचायत हाटा में चैत्र नवरात्रि की सप्तमी पर मां काली की पूजा और मेले का आयोजन कई वर्षों से पूरे गांव के सहयोग से होता आ रहा है। इस आयोजन में हाटा, मदुरना सहित आसपास के दर्जनों गांवों के लोग शामिल होते हैं और इसे क्षेत्र की एक प्रमुख धार्मिक परंपरा माना जाता है। वहीं दूसरी ओर, पास के ग्राम मदुरना में रामनवमी के अवसर पर मां चंडेश्वरी की पूजा-अर्चना की जाती है और वहां भी मेले का आयोजन होता है। इस दौरान भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर पूजा करते हैं और माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इस तरह पूरे क्षेत्र में नवरात्रि और रामनवमी का पर्व धार्मिक आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया है।