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ऋण नहीं चुकाने वाले पांच किसानों पर सख्ती, बैंक ने शुरू कराई कुर्की-नीलामी की कार्रवाई

कैमूर में 5 किसानों पर नीलाम पत्र वाद शुरू, बैंक ऋण बकाया पर होगी कार्रवाई

Bihar: कैमूर (रामपुर)। सहकारी बैंक से लिए गए ऋण का भुगतान नहीं करने वाले किसानों के खिलाफ अब प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। सासाराम-भभुआ सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक की भगवानपुर शाखा की ओर से भेजी गई अधियाचना पर जिला नीलाम पत्र शाखा, कैमूर ने पांच ऋण बकायेदार किसानों के विरुद्ध नीलाम पत्र वाद दर्ज कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिला नीलाम पत्र पदाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार इन मामलों की सुनवाई की जिम्मेदारी जिला सहकारिता पदाधिकारी-सह-नीलाम पत्र पदाधिकारी (डीसीओ) को सौंपी गई है। सभी मामलों को नियमानुसार पोर्टल पर दर्ज कर सुनवाई के लिए स्थानांतरित कर दिया गया है।
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बैंक प्रबंधन का कहना है कि संबंधित ऋणधारकों को बकाया राशि जमा करने के लिए पूर्व में कई बार सूचना और नोटिस भेजे गए थे। इसके बावजूद भुगतान नहीं होने के कारण बैंक को कानूनी प्रक्रिया का सहारा लेना पड़ा। जानकारी के अनुसार बिहार लोक मांग वसूली अधिनियम के प्रावधानों के तहत नीलाम पत्र वाद संचालित किया जाता है। इस प्रक्रिया के माध्यम से सरकार एवं वित्तीय संस्थानों के बकाया ऋण की वसूली सुनिश्चित की जाती है। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से अन्य ऋणधारकों को भी समय पर ऋण भुगतान के लिए जागरूकता और प्रेरणा मिलेगी।

बैंक की ओर से रामपुर प्रखंड अंतर्गत करमचट थाना क्षेत्र के सिसवार एवं कुड़ारी गांव के पांच किसानों के खिलाफ बकाया ऋण वसूली के लिए आवेदन दिया गया था।
जिन किसानों के खिलाफ नीलाम पत्र वाद की प्रक्रिया शुरू हुई है, उनमें सिसवार गांव निवासी दिनेश कुमार यादव पर 1.11 लाख रुपये से अधिक, प्रिंस कुमार पर 1.12 लाख रुपये तथा विंध्याचल कुमार पर लगभग 1.11 लाख रुपये का बकाया है। वहीं कुड़ारी गांव के मोहम्मद शहादत अंसारी और मल्लू पासवान पर भी एक-एक लाख रुपये से अधिक की राशि बकाया बताई गई है। अधिकारियों के अनुसार सभी बकायेदारों को नोटिस भेजकर सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। यदि निर्धारित समय में ऋण की अदायगी नहीं की जाती है अथवा संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया जाता है तो कानून के तहत कुर्की और नीलामी की कार्रवाई आगे बढ़ाई जा सकती है।

 

 

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