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मृतका की पहचान तराव गांव निवासी स्वर्गीय रामाशीष राम की पुत्री सुशीला कुमारी (25 वर्ष) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, सोमवार शाम करीब सात बजे वह शौच के लिए घर से निकली थी। देर रात तक वापस नहीं लौटने पर परिवार के लोग उसकी तलाश में निकल पड़े। इसी दौरान गांव की एक महिला ने बताया कि उसने सुशीला को दुर्गा स्थान के पश्चिम स्थित तालाब की ओर जाते हुए देखा था। सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण तालाब के पास पहुंचे। वहां पानी में एक शव तैरता दिखाई दिया। ग्रामीण तत्काल तालाब में उतरे और महिला को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों का कहना है कि सुशीला को तैरना नहीं आता था। आशंका जताई जा रही है कि तालाब के किनारे उसका पैर फिसल गया, जिससे वह गहरे पानी में चली गई और डूबने से उसकी जान चली गई।
घटना की सूचना मिलते ही बेलाव थाना की प्रभारी थानाध्यक्ष रोमा कुमारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भभुआ भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों ने बताया कि सुशीला की शादी करीब चार-पांच वर्ष पहले हुई थी। हालांकि विवाह के कुछ ही समय बाद वह अपनी मां के साथ मायके में रहने लगी थी और ससुराल पक्ष से उसका कोई संपर्क नहीं था। बेटी की अचानक हुई मौत से मां और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रभारी थानाध्यक्ष रोमा कुमारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला तालाब में डूबने से मौत का प्रतीत होता है। आवेदन प्राप्त हुआ है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ आवेदन के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।