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आतंकी साजिश मामले में गिरफ्तार युवक की मोबाइल डेटा और हथियार से खुल सकती हैं नेटवर्क की कई परतें, फोरेंसिक जांच और डिजिटल साक्ष्यों पर टिकी आगे की कार्रवाई

मुंगेर आतंकी साजिश मामला: युवक गिरफ्तार, देसी पिस्टल और मोबाइल बरामद, डिजिटल नेटवर्क की जांच तेज

Bihar: मुंगेर जिले के तारापुर थाना क्षेत्र से आतंकी गतिविधियों की कथित साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार मु. सद्दाम को गहन पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। बिहार एटीएस, दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अब उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में हैं। जांच का सबसे अहम आधार उसका मोबाइल फोन, डिजिटल डेटा और बरामद हथियार बने हुए हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच से पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर रविवार देर रात तारापुर थानाध्यक्ष राजकुमार के नेतृत्व में मिलकी खानपुर गांव में छापेमारी की गई। इस दौरान आरोपी मु. सद्दाम (पिता- मु. शमशेर) ने भागने का प्रयास किया और शौचालय की छत पर लगी झाड़ी में एक वस्तु फेंक दी। पुलिस ने उसे पकड़ लिया और तलाशी के दौरान उसके पास से रेडमी कंपनी का मोबाइल फोन बरामद किया। मोबाइल की प्रारंभिक जांच में “राणा भाई” नाम से सेव एक पाकिस्तानी नंबर मिलने का दावा किया गया है।

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घर की तलाशी के दौरान पुलिस ने झाड़ी में कपड़े में लपेटकर छिपाई गई एक देसी पिस्टल और खाली मैगजीन भी बरामद की। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पहले मुंबई में रहता था, जहां उसके संपर्क कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों से बने थे। पुलिस का कहना है कि करीब तीन महीने पहले उसे यह हथियार उपलब्ध कराया गया था। पूछताछ के दौरान दो अन्य मोबाइल नंबरों की भी जानकारी मिली है, जिनकी पहचान और जांच की जा रही है। जांच एजेंसियों की नजर अब आरोपी के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच, सोशल मीडिया गतिविधियों, चैट हिस्ट्री, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य डिजिटल डेटा पर है। अधिकारियों का मानना है कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य से उसके संपर्कों और कथित नेटवर्क की कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। इसके लिए मोबाइल को फोरेंसिक प्रयोगशाला भेजने की तैयारी की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सद्दाम का पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और उसके सहयोगी राणा हुसैन से सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क था। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह संपर्क केवल ऑनलाइन बातचीत तक सीमित था या इसके जरिए किसी बड़े नेटवर्क का संचालन किया जा रहा था।

जांच एजेंसियों को आशंका है कि आरोपी केवल खुद ही इस नेटवर्क से नहीं जुड़ा था, बल्कि अन्य युवाओं को भी जोड़ने का प्रयास कर रहा था। हालांकि अब तक स्थानीय स्तर पर किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि उसके संपर्क किन-किन लोगों से थे और वह किन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय था। पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि कथित नेटवर्क के निर्देश पर दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाके में पेट्रोल बम से बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश रची जा रही थी। हालांकि इस पहलू की पुष्टि अभी जांच एजेंसियों द्वारा की जानी बाकी है और इसकी विस्तृत जांच जारी है। तारापुर पुलिस ने मामले से जुड़े सभी दस्तावेज, प्रारंभिक जांच रिपोर्ट और उपलब्ध जानकारी पुलिस मुख्यालय के माध्यम से दिल्ली पुलिस एवं अन्य केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को भेज दी है। एसडीपीओ कुमार देवेंद्र ने बताया कि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है। सभी एजेंसियों के समन्वय से जांच की जा रही है। मोबाइल की फोरेंसिक रिपोर्ट, कॉल डिटेल और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की हर कड़ी को जोड़ने और उससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान में जुटी हुई है।

 

 

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