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छुट्टी में घर आए सूबेदार मेजर की हुई थी हत्या
मृतक की पत्नी और मामले की सूचिका सीमा तिवारी ने बताया कि उनके पति शशि भूषण तिवारी असम राइफल्स में सूबेदार मेजर के पद पर मणिपुर में तैनात थे। वह 8 मई 2022 को छुट्टी लेकर कैमूर जिले के चांद स्थित अपने गांव आए थे।
सीमा तिवारी के अनुसार, 16 जून 2022 को वह अपने बच्चों से मिलने रामनगर स्थित मकान गई थीं। उसी रात करीब 12 बजे गांव में उनके पति पर हमला कर दिया गया। आरोप है कि सरवन गोंड, राकेश कुमार, अनिल गोंड, राजेश राम उर्फ लड्डू, अर्जुन गोंड और सुभाष सिंह ने मिलकर लोहे के रॉड, फरसा और कुदाल से हमला कर शशि भूषण तिवारी की हत्या कर दी। गंभीर चोट और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी।
एक थप्पड़ बना हत्या की वजह
मामले की जांच और सुनवाई के दौरान सामने आया कि हत्या की जड़ मकान निर्माण को लेकर हुआ विवाद था। सीमा तिवारी ने बताया कि सरवन कुमार उनके नए मकान में ठेकेदारी का काम कर रहा था। निर्माण के दौरान एक पिलर टेढ़ा हो गया था, जिसको लेकर शशि भूषण तिवारी ने नाराज होकर उसे थप्पड़ मार दिया था। इसी विवाद के बाद अभियुक्तों ने मिलकर हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया।
सीसीटीवी फुटेज बना अहम सबूत
हत्या के बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाके से सीसीटीवी फुटेज खंगाले थे। फुटेज के आधार पर सभी आरोपितों की पहचान हुई और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। जांच के बाद मामला कोर्ट पहुंचा, जहां सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने सभी छह आरोपितों को दोषी करार दिया।
कोर्ट ने क्षतिपूर्ति दिलाने का भी दिया निर्देश
इस मामले में अपर लोक अभियोजक मीना सिंह ने सरकार की ओर से पैरवी की, जबकि सूचिका की ओर से अधिवक्ता नागेंद्र मिश्रा और मंटू पांडे ने पक्ष रखा। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अजीत कुमार सिंह ने पैरवी की। अदालत ने अपने आदेश में जिला विधिक सेवा प्राधिकार कैमूर को फैसले की प्रति भेजने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि मृतक की पत्नी सीमा तिवारी, जो अब विधवा हैं, उन्हें सरकार की ओर से मिलने वाली क्षतिपूर्ति राशि दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
फैसले के बाद कोर्ट परिसर में बढ़ाई गई सुरक्षा
फैसला सुनाए जाने के दौरान भभुआ कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती के बीच सभी दोषियों को अदालत में पेश किया गया, जहां सजा सुनाए जाने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।



