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जानकारी के मुताबिक, पूरे विवाद की जड़ रविवार की रात हुई एक सड़क दुर्घटना है। मलौर गांव के एक बाइक सवार ने सरपंच पति की चाची दिलमुनिया देवी (55) को टक्कर मार दी थी। गंभीर रूप से घायल महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद मृतका के परिजनों ने दुर्घटना में शामिल बाइक को अपने कब्जे में ले लिया था। सोमवार सुबह जब अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी, तभी मलौर गांव से कुछ लोग बाइक वापस लेने पहुंचे। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।
आरोप है कि बाइक लेने आए लोगों के साथ कुछ बाहरी असामाजिक तत्व भी थे, जिन्होंने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से मनोज शर्मा और गोरख पासवान मौके पर ही गिर पड़े। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पीरो एसडीपीओ के.के. सिंह, इंस्पेक्टर राजीव रंजन और थानाध्यक्ष संतोष कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लिया। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। पुलिस ने हमलावरों की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है और पूरे मामले की जांच जारी है।



