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घटना की जानकारी मिलते ही मृतका के परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने छांव लिंक रोड को जाम कर दिया और वरीय अधिकारियों को घटनास्थल पर बुलाने की मांग करने लगे। स्थिति को देखते हुए डीएसपी और दुर्गावती थानाध्यक्ष गिरीश कुमार के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। काफी देर तक लोगों और पुलिस के बीच बातचीत होती रही। अधिकारियों के आश्वासन के बाद लोगों ने सड़क से शव उठाने की अनुमति दी।
मृतका के बड़े ससुर रामदास बिंद ने बताया कि सुषमा देवी रोजाना की तरह फैक्ट्री में काम करने जा रही थीं। उन्होंने बताया कि मृतका चार बच्चों की मां थीं। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की, ताकि छोटे-छोटे बच्चों के पालन-पोषण में मदद मिल सके। वहीं, चांद प्रखंड की कुड्डी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि बबलू सिंह ने कहा कि महिला अपने गांव से छांव स्थित फैक्ट्री में काम करने जा रही थी। सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई। उन्होंने प्रशासन से गरीब परिवार को अधिक से अधिक मुआवजा और परिवार के किसी सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। घटना के बाद पुलिस ने स्थिति शांत होने पर महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस हादसे से जुड़े मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।