Bihar: कैमूर जिले की करमचट थाना पुलिस ने अंतरजिला वाहन चोरी गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे और निशानदेही पर चोरी की चार मोटरसाइकिल बरामद की हैं। गिरफ्तार आरोपियों में भभुआ थाना क्षेत्र के रूपपुर निवासी 21 वर्षीय रफीक सिद्दीकी और करमचट थाना क्षेत्र के अमाव गांव निवासी 26 वर्षीय रियासत सिद्दीकी शामिल हैं। दोनों रिश्ते में जीजा-साला बताए जाते हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

पुलिस के अनुसार शुक्रवार को अदमापुर मोड़ के समीप नियमित वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की दो बाइकों पर सवार दो युवक पुलिस को देखकर अचानक भागने लगे। संदेह होने पर पुलिस टीम ने उनका पीछा किया और कुछ ही दूरी पर दोनों को पकड़ लिया। जांच के दौरान दोनों युवक मोटरसाइकिलों से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद चेसिस नंबर की तकनीकी जांच कराई गई, जिसमें एक बाइक वाराणसी और दूसरी चंदौली से चोरी की पाई गई। पूछताछ में दोनों के जवाब संदिग्ध मिलने पर पुलिस ने गहन पूछताछ शुरू की, जिसमें वाहन चोरी के पूरे नेटवर्क की जानकारी सामने आई।
घर में छिपाकर रखी थीं चोरी की बाइकें
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने अमाव गांव स्थित रियासत सिद्दीकी के घर पर छापेमारी की। वहां से एक होंडा शाइन मोटरसाइकिल और पार्ट्स में खोली गई एक हीरो स्प्लेंडर प्लस बाइक बरामद की गई। पुलिस ने बताया कि बरामद होंडा शाइन का चेसिस नंबर मिटाने की कोशिश की गई थी, जबकि इंजन नंबर के आधार पर उसकी पहचान की प्रक्रिया जारी है।
वाराणसी और चंदौली में करते थे रेकी
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे वाराणसी, मुगलसराय और चंदौली के भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्टर चाबी का इस्तेमाल कर बाइक चोरी करते थे। चोरी के बाद वाहनों को कैमूर लाया जाता था, जहां उनके पार्ट्स अलग-अलग कर बेच दिए जाते थे ताकि वाहन की पहचान न हो सके।
पहले भी जेल जा चुका है आरोपी
जांच में सामने आया कि रफीक सिद्दीकी का वाहन चोरी के मामलों से पुराना संबंध रहा है। वह वर्ष 2024 में मोहनिया थाना क्षेत्र में दर्ज एक बाइक चोरी मामले में जेल भी जा चुका है। वहीं रियासत सिद्दीकी अमाव बाजार में मोबाइल और बिजली उपकरणों की दुकान संचालित करता है, लेकिन पिछले कई महीनों से चोरी के इस अवैध कारोबार में भी सक्रिय था।
नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
करमचट थाना पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अंतरजिला वाहन चोरी नेटवर्क के कई और सदस्यों तक पहुंचा जा सकता है। पुलिस इस पूरे सिंडिकेट की गतिविधियों और चोरी के अन्य मामलों से इनके संबंधों की भी जांच कर रही है।



