Two laborers of Araria killed and one injured in terrorist attack in Jammu and Kashmir

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घायल चुनमुन ऋषि देव के घर पर उनके पिता तेजू ऋषिदेव और पूरा परिवार हताशा है, जबकि चुनमुन की पत्नी, पति के सलामती की प्रार्थना कर रही है, साथ ही परिवार वाले और आस पड़ोस के लोग उसके स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं, कश्मीर से आई खबर में हर किसी की नींद चैन उड़ा रखी है, गांव में किसी के घर चूल्हा तक नहीं जला है और किसी ने खाना तक नहीं खाया है, ग्रामीण यह समझ नहीं पा रहे हैं की उन्हें क्या करना चाहिए।
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आतंकी हमले में मारे गए दो युवकों में एक योगेंद्र ऋषिदेव का ससुराल भी इसी गांव में है यहां भी स्वजनों का रो-रो कर बुरा हाल है, मृतक की सास कुमिया देवी और ससुर तागो ऋषिदेव सुधबुध खोकर बैठे हुए हैं, योगेंद्र का घर 5 किलोमीटर दूर बनगामा पंचायत के खेरूगंज में है, जहां हर तरफ रोने की आवाज़ सुनाई दे रही है, वही मृतक के घर गांव के लोग जूटे हुए हैं, जबकि मृतक की माँ बार-बार रोते-रोते बेहोश होकर गिर जा रही है।
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वही मिर्जापुर रानीगंज के वार्ड नंबर 15 और दूसरे मृतक मजदूर के यहां खैरूगंज में लोगों ने बताया कि वहां की हालत अब बेहद खराब हो गई है, यहां से जितने भी मजदूर कश्मीर गए हैं सभी दहशत में है, इस गांव से गए मजदूरों की एक वृद्ध दादी बताती है की घटना की जानकारी के बाद उनके पोतो से उनकी बात हुई है उनके पोते ने बताया की जब गोलीबारी हुई थी तब उस वक्त दोनों चुनमुन और योगेंद्र के साथ ही थे, अचानक हुई इस हमले में जान तो बची है लेकिन अब वह अपने कमरे में बंद है, उनके पास अभी खाने पीने को कुछ नहीं है।
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