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घटना के संबंध में मु. यूसुफ़ ने बताया की पंचायत चुनाव में मुखिया पद पर मु. जरीफ चुनाव लड़ रहा था और वह अपना नामांकन मुखिया पद पर कराए थे, जबकि उनकी पत्नी साहिल खातून वार्ड सदस्य के पद से खड़ी हुई थी और चुनाव जीत गई, चुनाव के दौरान मु. जरीफ द्वारा बैठने का दबाव बनाया जा रहा था लेकिन वह नहीं बैठे थे, जब मतदान का वक्त आया तो मु. जरीफ और उनके समर्थकों द्वारा मतदान में गड़बड़ी करने की कोशिश की गई, जिसका विरोध किया गया था, इस दौरान 315 वोट से मुखिया पद का चुनाव हार गए थे, इसी हार की बौखलाहट में एक प्लानिंग के तहत इस घटना को अंजाम दिया गया।
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बुधवार की सुबह जब मु. यूसुफ़ चाय पीने अपनी गांव की ही दुकान पर गए तब मु. जरीफ, मु. बाबर, मु.शाहबाज, मु. नन्हू, मु. छोटन, मु. साकिर, मु. इज़हार, मु. इसराफिल, मु. अख्तर, मु. अशरफ सहित एक दर्जन से अधिक लोगों द्वारा तेज धार हथियार के साथ जान मरने की नियत से हमला कर बुरी तरह से जख्मी कर दिया गया, घटना के बाद जख्मी मु. यूसुफ़ की हालत गंभीर बनी हुई है जबकि बाकी घायल मु. ज्याउद्दीन और मु. परवेज की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
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