Bihar, मुंगेर: मुंगेर जिले के हेमजापुर थाना क्षेत्र में गंगा नदी में मछली पकड़ने को लेकर मछुआरा समाज के साथ कथित उत्पीड़न और रंगदारी मांगने का गंभीर मामला सामने आया है। दबंगों द्वारा मछली मारने से रोकने, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप को लेकर वीआईपी (विकासशील इंसान पार्टी) के सुप्रीमो एवं ‘सन ऑफ मल्लाह’ मुकेश सहनी बुधवार को मछुआरों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ मुंगेर पुलिस अधीक्षक से मिले और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
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पीड़ित मछुआरों ने एसपी को दिए गए आवेदन में बताया कि धरहरा अंचल के शिवकुंड से बाहाचौकी तक गंगा नदी का क्षेत्र मत्स्य जीवि सहयोग समिति के अंतर्गत आता है, जहां मछुआरा समाज वर्षों से मछली पकड़कर अपनी आजीविका चलाता आ रहा है। आरोप है कि परौरा और मिरजाचक गांव के कुछ दबंग लोग उन्हें मछली पकड़ने से रोकते हैं। विरोध करने पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी जाती है।
आवेदन के अनुसार, 9 जनवरी 2026 को जब मछुआरे गंगा में मछली पकड़ रहे थे, तभी हथियारों से लैस दबंग मौके पर पहुंचे और जबरन जाल खींचकर पानी से बाहर निकाल लिया। इस दौरान मछुआरों के साथ मारपीट की गई और उनके जाल को फाड़ दिया गया। आरोप है कि दबंगों द्वारा प्रति माह 11 हजार रुपये रंगदारी की मांग भी की जा रही है।
इस मामले पर वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी ने कहा कि लालू प्रसाद यादव के शासनकाल में गंगा नदी को मछुआरों के लिए मुक्त किया गया था, ताकि गरीब और पिछड़े वर्ग के लोग मछली पकड़कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें। लेकिन वर्तमान समय में दबंगों ने गंगा पर अवैध कब्जा बना लिया है और गरीब मछुआरों से जबरन हफ्ता वसूली की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से गंगा को दबंगों के कब्जे से मुक्त कराने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि मछुआरों को न्याय नहीं मिला, तो आगे आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
वहीं, मुंगेर के पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने बताया कि गंगा में मछली मारने को लेकर विवाद की सूचना पहले से मिली थी। थाना प्रभारी के आवेदन के आलोक में मत्स्य विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण कराया गया है। निरीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद तथ्यों के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल एहतियातन प्रिवेंटिव कार्रवाई की गई है और सभी पक्षों को कानून अपने हाथ में न लेने की सख्त हिदायत दी गई है।