Bihar, पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास, बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, जल संसाधन, शिक्षा, कृषि, रोजगार और प्रशासनिक सुधार से जुड़े कुल 43 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इन निर्णयों का सीधा लाभ राज्य की जनता को मिलेगा।
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53 साल बाद सुलझा सोन नदी जल बंटवारा विवाद – मंत्रिपरिषद ने बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के जल बंटवारे को लेकर दशकों से चले आ रहे विवाद को समाप्त कर दिया है।
कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि— वर्ष 1973 में बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच बाणसागर समझौता हुआ था, अविभाजित बिहार को 7.75 मिलियन एकड़ फीट जल का हिस्सा मिला था
वर्ष 2000 में राज्य विभाजन के बाद झारखंड ने जल बंटवारे की मांग उठाई, इस विवाद के कारण इंद्रपुरी जलाशय परियोजना लंबित थी
10 जुलाई 2025 को रांची में पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में दोनों राज्यों के बीच सहमति बनी, जिसके अनुसार— 5.75 मिलियन एकड़ फीट जल बिहार को 2.00 मिलियन एकड़ फीट जल झारखंड को मिलेगा, इस समझौते के प्रारूप को मंत्रिपरिषद ने स्वीकृति दे दी है। इससे भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, पटना, गया और अरवल जिलों में सिंचाई सुविधा का मार्ग प्रशस्त होगा।
पटना में अंडरग्राउंड केबलिंग से होगी बिजली आपूर्ति- मंत्रिपरिषद ने पटना शहर में भूमिगत (अंडरग्राउंड) केबलिंग के जरिए बिजली आपूर्ति की परियोजना को मंजूरी दी है।
इस परियोजना पर 653 करोड़ रुपये खर्च होंगे, पेसू के अंतर्गत 13 प्रमंडलों में कार्य होगा, इससे बिजली आपूर्ति अधिक सुरक्षित, स्थिर और निर्बाध होगी।
पीएम श्री योजना: 789 विद्यालयों के लिए 1485.50 करोड़ मंजूर- राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए मंत्रिपरिषद ने— 789 माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक सरकारी विद्यालयों के लिए
₹1485 करोड़ 50 लाख की स्वीकृति प्रदान की, इस राशि से विद्यार्थियों में आधुनिक शिक्षण कौशल, नवाचार और तकनीकी साक्षरता को बढ़ावा दिया जाएगा।
गया के आईएमसी के लिए 220 केवी डीसी ट्रांसमिशन लाइन- 220 केवी डीसी संचरण लाइन के निर्माण को मंजूरी
चंदौती (पीएमटीएल) ग्रिड से आईएमसी, गयाजी तक लाइन बनेगी, लागत: 33.29 करोड़ रुपये, इससे औद्योगिक क्षेत्र को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलेगी, कंडक्टर लाइसेंस के लिए शैक्षणिक योग्यता में राहत, मंत्रिपरिषद ने बिहार मोटरगाड़ी नियमावली, 1992 में संशोधन को मंजूरी देते हुए— संवाहक (कंडक्टर) अनुज्ञप्ति के लिए, न्यूनतम योग्यता 10वीं से घटाकर 8वीं पास कर दी है।
कृषि विभाग में 694 पदों का पुनर्गठन और सृजन
कृषि विभाग के अंतर्गत— 293 पदों के समर्पण के बाद, 194 पौधा संरक्षण पर्यवेक्षक, 99 पौधा संरक्षण निरीक्षक पदों का सृजन, इस प्रकार कुल 694 पदों के पुनर्गठन/सृजन को स्वीकृति दी गई।
आनंद कारज विवाह निबंधन नियमावली को मंजूरी, मंत्रिपरिषद ने— बिहार आनंद कारज विवाह निबंधन नियमावली, 2025 को स्वीकृति दी, अब बिहार में आनंद कारज रीति से संपन्न विवाहों का पंजीकरण विधिवत किया जा सकेगा।
बिहार भवन, मुंबई के निर्माण को 314.20 करोड़ की मंजूरी बिहार भवन, मुंबई के निर्माण कार्य हेतु, 314.20 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई, सहकारी बैंकों को 7000 करोड़ ऋण पर राजकीय गारंटी, खरीफ विपणन मौसम 2025-26, रबी विपणन मौसम 2026-27, अधिप्राप्ति कार्य हेतु 7000 करोड़ रुपये ऋण, ऋण पर राज्य सरकार की गारंटी दी जाएगी, दरभंगा एयरपोर्ट के पास लॉजिस्टिक पार्क को मंजूरी, 50.0004 एकड़ भूमि अधिग्रहण
मुआवजा राशि: 138.82 करोड़ रुपये, लॉजिस्टिक पार्क एवं कार्गो हब का निर्माण होगा।
न्यायिक एवं विधिक सुधार से जुड़े निर्णय- पटना हाईकोर्ट और व्यवहार न्यायालयों के कोर्ट मैनेजर के वेतनमान में संशोधन, बिहार अधिवक्ता कल्याण न्यास समिति को 30 करोड़ रुपये अग्रिम, हाईकोर्ट में 4 विधि सहायक पदों का सृजन
45 विधि लिपिक पदों का नाम बदलकर विधि सहायक किया गया, तकनीकी शिक्षा और पॉलिटेक्निक विस्तार, “कस्ट्यूम डिजाइन एंड ड्रेस मेकिंग” का नाम बदलकर, “कम्प्यूटर एडेड कस्ट्यूम डिजाइन एंड ड्रेस मेकिंग” राजकीय पॉलिटेक्निक, बगहा (पश्चिम चंपारण) के लिए, 106 पदों के सृजन को मंजूरी।
मंत्रिपरिषद के ये फैसले जल प्रबंधन, ऊर्जा आपूर्ति, शिक्षा, कृषि, उद्योग, रोजगार और प्रशासनिक सुधार की दिशा में बिहार के लिए मील का पत्थर साबित होंगे।