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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पिकअप वाहन में क्षमता से अधिक लोग सवार थे। साथ ही उस पर सरसों के एक दर्जन से ज्यादा बोरे भी लादे गए थे। बानोदाग गांव से कुछ दूरी पर नदी की चढ़ाई के दौरान गाड़ी अचानक पीछे की ओर खिसकने लगी और संतुलन बिगड़ते ही सड़क किनारे पलट गई। हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को दूसरे वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधौरा पहुंचाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद चार गंभीर रूप से घायलों को बेहतर इलाज के लिए भभुआ सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।
घायलों में बानोदाग गांव की सुमन देवी (30 वर्ष), मतिया देवी (45 वर्ष), सीता सिंह (62 वर्ष), फूलमतिया देवी (45 वर्ष), सुनीता देवी (25 वर्ष), गंगिया देवी (35 वर्ष), खरभर सिंह (65 वर्ष), जागी देवी (65 वर्ष), पनकुवंरी देवी (45 वर्ष), रजिन्द्र सिंह (65 वर्ष) तथा श्रवणदाग गांव के रामानंद सिंह की 20 वर्षीय पुत्री शामिल हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ओवरलोडिंग और पहाड़ी रास्ते पर लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। घटना के बाद क्षेत्र में वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।