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पुलिस के अनुसार अखिनी गांव निवासी स्वर्गीय लक्ष्मण राम के पुत्र रवींद्र कुमार बाजार में टेलर की दुकान चलाते थे। उनकी दुकान पर कई महिलाएं सिलाई सीखने के लिए भी आती थीं। सोमवार की रात दुकान बंद कर वह घर लौटे और भोजन करने के बाद अपने तीन बच्चों के साथ डेरा पर सोने के लिए निकले। इसी दौरान उनके मोबाइल पर किसी का फोन आया। बातचीत के बाद उन्होंने बच्चों को वापस घर छोड़ दिया और पत्नी से कहा कि दोस्त बुला रहे हैं, थोड़ी देर में लौट आएंगे। रात करीब 12 बजे तक जब रवींद्र घर नहीं लौटे तो परिजनों ने उन्हें कई बार फोन किया। शुरुआत में एक-दो बार बात हुई, लेकिन बाद में मोबाइल बंद हो गया। उसी रात गांव के पोखरे के पास आरोपियों ने चाकू से गला रेतकर उनकी हत्या कर दी। पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को जलाने का भी प्रयास किया गया। जब शव पूरी तरह नहीं जल सका तो सिर और धड़ को अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया गया। मंगलवार तक रवींद्र का कोई पता नहीं चल सका। इस दौरान उनके बड़े भाई बलिष्टर गौतम ने नुआंव थाना पहुंचकर भाई के लापता होने और मोबाइल बंद होने की जानकारी पुलिस को दी। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात एसआई आशुतोष कुमार ने शिकायत दर्ज करने के बजाय अगले दिन आने की बात कहकर उन्हें वापस भेज दिया।
बुधवार सुबह गांव के लोगों ने दो अलग-अलग स्थानों पर रवींद्र का सिर और अधजला धड़ देखा, जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने हत्या में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। नुआंव थानाध्यक्ष शांतनु कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग का मामला सामने आया है। पांच लोगों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी नौशाद खां उर्फ सोनू खां शातिर अपराधी है और इस तरह के मामलों में पहले भी जेल जा चुका है। रवींद्र कुमार के बड़े भाई की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी ने मामले की जांच एसडीपीओ से कराई। जांच में ड्यूटी पर तैनात एसआई आशुतोष कुमार की कार्यशैली संदिग्ध और लापरवाहीपूर्ण पाई गई। इसके बाद एसपी ने तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित कर दिया। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी, हत्या में प्रयुक्त हथियार और मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।



