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ग्रामीण सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक श्रीपत बिंद अपने गांव के समीप बहने वाली गोरेया नदी के उस पार सलथुआ मौजा में अपनी खेती के सिलसिले में दिन में गए हुए थे। इस क्रम में वे एक अन्य किसान के खेतों के किनारे लगाए गए तार की बाड़ के संपर्क में आ गए जिसमें बिजली का करंट प्रवाहित था। करंट प्रवाहित तार की बाड़ के संपर्क में आने से श्रीपत बिंद की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
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थानाध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम को स्थल पर भेजा गया जहां उसके द्वारा शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले में पुलिस अपनी कार्रवाई में जुटी हुई है। इस बीच घटना को लेकर इलाके में शोक और चिंता की लहर देखी जा रही है।
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स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को इस तरह की व्यवस्था करनी चाहिए कि लोगों का जीवन सुरक्षित रह सके। बताते चलें कि प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में पूर्व में भी बिजली के करंट के संपर्क में आने से कई लोगों की मौत हो चुकी है। बार-बार इस तरह की घटनाओं के होने के बावजूद इस बात को लेकर गंभीरता नहीं बरती जाती कि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाएं न हों।
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