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पुलिस के अनुसार, मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से आए एक परिवार ने अपने बेटे की शादी कराने के लिए बिचौलियों से संपर्क किया था। शादी तय कराने के एवज में गिरोह ने 2.50 लाख रुपये की मांग की, जिसमें से 1.40 लाख रुपये पहले ही ले लिए गए। विवाह की रस्म पूरी होने के कुछ ही समय बाद दुल्हन अपने साथियों के साथ डेहरी रेलवे स्टेशन पहुंचकर ट्रेन से भागने की कोशिश करने लगी। दूल्हे पक्ष को जब इस पर संदेह हुआ तो उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-एक सत्यकाम के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने स्टेशन पर घेराबंदी कर चार आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पीड़ित कारूलाल कलार (58), निवासी रतलाम (मध्य प्रदेश) ने बताया कि उनके बेटे की शादी कराने के नाम पर उनसे मोटी रकम ली गई थी। विवाह के बाद दुल्हन के फरार होने की कोशिश से उन्हें ठगी का एहसास हुआ।
गिरफ्तार आरोपियों में रतलाम निवासी राजू राठौर (59), रोहतास जिले के दिनारा थाना क्षेत्र के महरौत गांव निवासी रूबी उर्फ अनीषा कुमारी (20), उसकी बहन अनीता कुमारी (28) तथा औरंगाबाद जिले के बारूण बाजार निवासी गीता देवी (47) शामिल हैं। पीड़ित के आवेदन पर डालमियानगर थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह सुनियोजित शादी ठगी गिरोह का मामला प्रतीत हो रहा है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच जारी है। इस मामले की जानकारी एसडीपीओ कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी गई। प्रेस वार्ता में डालमियानगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन, पुलिस अवर निरीक्षक दिवाकर कुमार, रुपम कुमारी समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।



