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सभा में वक्ताओं ने घटना को जातीय रूप देने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि किसी एक घटना के आधार पर पूरे समाज को कटघरे में खड़ा करना उचित नहीं है। मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई किए जाने की मांग की गई। कार्यक्रम में दिवंगत ब्रह्मेश्वर मुखिया के नाती मोनू सिंह, समाजसेवी पुष्कर नारायण सिंह और राणा दीपू सिंह समेत कई लोगों ने अपनी बात रखी।
सभा के बाद लोगों ने पैदल मार्च निकाला और गोलीबारी में घायल अखिलेश के घर पहुंचे। इसके बाद काफिला चंदन के पैतृक गांव बगोदर पहुंचा, जहां पीड़ित परिवार से मुलाकात कर हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया गया। बताया गया कि गोलीबारी की घटना को लेकर अब तक 13 मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जबकि पुलिस ने मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्यक्रम और पैदल मार्च को लेकर पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा।