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मृतक के पिता बलि बैठा ने बताया कि सोमवार की रात करीब साढ़े आठ बजे संजय अपने कमरे से पैदल कंपनी में ड्यूटी करने जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में किसी अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में संजय की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद उसकी पहचान आईडी कार्ड के माध्यम से हुई। इसके बाद उसके रूम पार्टनर ने रात करीब सवा नौ बजे फोन कर परिवार के लोगों को दुर्घटना की जानकारी दी। स्थानीय पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई और पोस्टमार्टम के बाद शव को एंबुलेंस से अमाव गांव भेज दिया।
गुरुवार को जैसे ही एंबुलेंस गांव पहुंची और संजय का शव घर के दरवाजे पर उतारा गया, वहां मौजूद परिजनों की चीख-पुकार से माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। पत्नी कंचन देवी, मां, भाई और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। कई महिलाएं सदमे में बार-बार बेहोश हो जा रही थीं। गांव की महिलाएं उन्हें पानी डालकर संभालने का प्रयास कर रही थीं।मृतक के शव को देखकर वहां मौजूद ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। परिजनों ने बताया कि संजय की शादी करीब तीन वर्ष पहले बक्सर जिले के धनसोई थाना क्षेत्र के ककरिया गांव निवासी परिवार में हुई थी। उसके परिवार में पत्नी कंचन देवी और एक वर्षीय बेटी अंजली कुमारी है। संजय की अचानक मौत के बाद मासूम अंजली के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया, संजय चार भाइयों और तीन बहनों में दूसरे स्थान पर था। बड़े भाई का नाम पप्पू बैठा, जबकि छोटे भाइयों में लल्लू बैठा और सुनील बैठा हैं। तीनों बहनों की शादी हो चुकी है।



