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शिक्षकों के लिए नई व्यवस्था लागू होगी
शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य में शिक्षकों के लिए जिला कैडर व्यवस्था लागू की जाएगी। शिक्षक जिस जिले को अपने कार्यक्षेत्र के रूप में चुनेंगे, उसी जिले में उनकी सेवा स्थायी रूप से मानी जाएगी। यदि कोई शिक्षक बाद में जिला परिवर्तन कराता है तो उसकी पूर्व वरिष्ठता समाप्त हो जाएगी।
महिला शिक्षकों को मिलेगी नजदीकी पंचायत में तैनाती
मंत्री ने घोषणा की कि महिला शिक्षकों की पोस्टिंग उनके निवास के निकट स्थित पंचायतों में की जाएगी, जबकि पुरुष शिक्षकों को निकटवर्ती प्रखंडों में पदस्थापित करने की व्यवस्था बनाई जा रही है। इससे शिक्षकों को कार्यस्थल तक पहुंचने में सुविधा होगी और विद्यालयों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जा सकेगी।
ऑनलाइन हाजिरी और प्रदर्शन आधारित मूल्यांकन
उन्होंने कहा कि अब शिक्षकों की उपस्थिति शिक्षा विभाग के पोर्टल के माध्यम से दर्ज की जाएगी। साथ ही शिक्षकों के कार्यों का मूल्यांकन विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति और प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। विभाग “एक पद-एक शिक्षक” की व्यवस्था को भी प्रभावी ढंग से लागू करेगा ताकि नियुक्तियों में पारदर्शिता बनी रहे।
पढ़ाई में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
मंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षकों की सभी वैध सुविधाओं और समस्याओं का ध्यान रखेगी, लेकिन शिक्षण कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। विद्यालयों में नियमित पढ़ाई सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
रामगढ़ को मिलेगी मॉडल विद्यालय की सौगात
अपने संबोधन में मंत्री ने बताया कि राज्य के प्रत्येक प्रखंड में एक-एक मॉडल विद्यालय का चयन किया गया है। साथ ही भूमि की कमी से जूझ रहे विद्यालयों और हाल में उन्नयन प्राप्त विद्यालयों की सूची तैयार कर उनके विकास के लिए आवश्यक कार्य कराए जाएंगे। कार्यक्रम में पूर्व विधायक अशोक कुमार सिंह सहित भाजपा के कई नेता, कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।



