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घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम रत्ना प्रियदर्शिनी, एसडीपीओ गोपाल कृष्णा समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचे और घायलों से घटना की जानकारी ली। वहीं जुलूस स्थल पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। एसडीपीओ गोपाल कृष्णा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला पटाखे के कारण हुई दुर्घटना का प्रतीत हो रहा है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है। दूसरी ओर कुछ स्थानीय लोगों का दावा है कि घायलों को किसी छर्रे जैसी वस्तु से चोट लगी है, जिसकी भी जांच की जा रही है। धमाके के बाद कुछ समय के लिए जुलूस में अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई थी, लेकिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तत्परता से हालात जल्द ही सामान्य हो गए। अधिकारियों ने लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की, जिसके बाद जुलूस निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ गया।
अनुमंडल अस्पताल के चिकित्सक डॉ. विजय कुमार ने बताया कि दोनों घायलों की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है। कुंदन सेठ के होंठ में गहरा घाव हुआ है, जबकि मुस्कान की आंख और चेहरे पर चोट लगी है। मोहनियां थानाध्यक्ष आलौकिक कुमार ने बताया कि कुंदन सेठ के पिता मोहन सेठ द्वारा अज्ञात लोगों के खिलाफ आवेदन दिया गया है। मामले में दो व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया यह घटना पटाखे से हुई प्रतीत होती है और घायलों की हालत अब स्थिर है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।



