Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
उस समय महिला के पति रोजगार के सिलसिले में मुंबई में थे, इसके बावजूद उनका नाम भी एफआईआर में शामिल कर दिया गया। बाद में वेरिफिकेशन के दौरान तत्कालीन कहलगांव डीएसपी-2 अर्जुन कुमार गुप्ता द्वारा जांच के बाद महिला के पति का नाम केस से हटा दिया गया। महिला ने आरोप लगाया कि इसी दौरान जब उनके पति बाहर थे और ससुर जेल में थे, तब SI राज नारायण सिंह ने देर रात उनके घर में घुसकर बेहद शर्मनाक हरकत की। पीड़िता का दावा है कि आरोपी SI ने सोते समय कंबल उठाकर देखने जैसी अमर्यादित हरकत की, जिससे वह बुरी तरह डर गई। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि केस से नाम हटाने के एवज में उनसे 15 हजार रुपये रिश्वत के रूप में लिए गए।
पुलिस उत्पीड़न से परेशान होकर महिला ने अंततः अपनी पूरी आपबीती वर्तमान विधायक मुरारी पासवान को बताई। शिकायत मिलते ही विधायक मुरारी पासवान खुद पीरपैंती थाना पहुंचे और थानाध्यक्ष नीरज कुमार से पूरे मामले की जानकारी लेते हुए कड़ी नाराजगी जताई। विधायक ने महिला से कथित रूप से लिए गए पैसे को तत्काल वापस कराने की बात भी कही। वहीं इस मामले पर थानाध्यक्ष नीरज कुमार ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है और यदि जांच में कोई भी पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला जांच के दायरे में है और स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।