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इसी मुद्दे को लेकर मंगलवार को मुंडेश्वरी धाम पहुंचे बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री एवं चैनपुर विधायक मोहम्मद जमा खान ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा। मांग पत्र में क्षेत्र की खराब हो चुकी सड़कों के पुनर्निर्माण, ओवरलोडिंग पर प्रभावी रोक और दुर्घटना पीड़ित परिवारों को राहत देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है। मंत्री द्वारा सौंपे गए आवेदन में चैनपुर प्रखंड की 14, भगवानपुर प्रखंड की 5 और चांद प्रखंड की 6 सड़कों के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव रखा गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भारतमाला परियोजना में लगे भारी वाहनों के कारण लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें कई लोग घायल हुए हैं और कई परिवार अपने परिजनों को खो चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर ओवरलोड वाहनों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि मानसून शुरू होने से पहले यदि इन सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई तो बरसात के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाएगी तथा कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो सकता है। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें मुख्यमंत्री को सौंपे गए मांग पत्र पर टिकी हैं और उन्हें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम उठाएगी। हालांकि कुछ लोगों ने आशंका भी जताई है कि कहीं इन मांगों का हाल चैनपुर मेडिकल कॉलेज परियोजना जैसा न हो जाए, जो वर्षों से घोषणाओं और चर्चाओं तक सीमित है लेकिन अभी तक धरातल पर नजर नहीं आई है।
जिन सड़कों के पुनर्निर्माण की उठी मांग
चैनपुर प्रखंड
अवखरा – महदाईच सड़क
अवखरा – संघारवीर पथ
मदुरना पहाड़ी – कल्यानीपुर सड़क
हजरा पुल – राजपुर डैम सड़क
नौघरा – खड़ौरा सड़क
चैनपुर – सलेमपुर सड़क
केवा नहर – मातर सड़क
रूपापट्टी पुल – लोहरा सड़क
केवा नहर – नराव सड़क
शाहपुर मोड़ – कल्यानीपुर सड़क
सतौना पुल – सिरसी सड़क
हाटा – दुर्गावती मुख्य सड़क
भभुआ – धरौली मुख्य सड़क
हजरा पुल – नरौतापुर सड़क
क्षेत्रवासियों का मानना है कि यदि इन सड़कों का समय रहते पुनर्निर्माण कराया गया तो न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी और ग्रामीण क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से बेहतर



