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भागलपुर व्यवहार न्यायालय के जज ने साली भगाने के आरोप में जीजा को सुनाया अनोखा सजा

Bihar:  भागलपुर जिले से एक खबर सामने आ रहा है, जंहा साली को भागने के आरोप में जीजा को जज ने एक अनोखा सजा सुनाया है। भागलपुर व्यवहार न्यायालय के जज के इस फैसले ने सभी को चौका दिया है। भागलपुर कोर्ट की तरफ से शादी शुदा साली को वर्ष 2007 में भगाने के जुर्म में 17 साल बाद आरोपी को जज के द्वारा फैसला देने से  पहले एक सामाजिक शर्त रखा गया है। जिसमे कहा गया है की आप पहले 25 पेड़ लगाएं। उसकी रिपोर्ट स्थानीय थाना और पुलिस के माध्यम से कोर्ट में पेश करें। उसके बाद ही मामले की सुनवाई होगी।

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NS News दरसल यह मामला भागलपुर ज़िले के सनोखर थाना क्षेत्र की है, जहां के निवासी राजकुमार चौधरी पर अपनी ही शादीशुदा साली को भगाने का आरोप लगा था। भागलपुर कोर्ट में जज वीवी गुप्ता की अदालत में सुनवाई पूरी हुई। 9 महीने जेल की सजा काटने का समायोजन करते हुए जज साहब ने आरोप मुक्त कर दिया। शनिवार को राजकुमार चौधरी कोर्ट में सर्टिफिकेट लेकर पहुंचा और जज ने उसे एक साल तक पौधों की देखभाल करने का आदेश देकर बाइज्जत बरी कर दिया।

वही भागलपुर कोर्ट में जज वीवी गुप्ता के इस अनोखे जजमेंट पर भागलपुर के सीनियर वकील सत्यजीत सहाय ने ऐसे जजमेंट को सामज के लिहाज से क्रांतिकारी फैसला बताया। कहा कि ग्लोबल वार्मिंग के दौर में “जल जीवन हरियाली, “एक पेड़ माँ के नाम, बेटी के जन्म पर पेड़ लगाने की परंपरा तो सुना है। लेकिन अदालत का ऐसा फैसला पर्यावरण के लिहाज़ से बाकए सराहनीय है।

 

 

 

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