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बरसात में खतरनाक हुए कैमूर के झरने, तेज धार के बीच सैलानियों को जारी हुई चेतावनी

कैमूर के झरनों में बढ़ा जलस्तर, करकटगढ़ में तैनात हुए वन विभाग के वालेंटियर

Bihar: कैमूर की पहाड़ियों में लगातार हो रही बारिश ने जिले के प्रमुख जलप्रपातों और पहाड़ी नदियों का मिजाज बदल दिया है। करकटगढ़, तेल्हारकुंड और बंशी खोह जैसे पर्यटन स्थलों पर पानी का स्तर बढ़ने के साथ बहाव भी तेज हो गया है। बारिश के बीच इन इलाकों में पहुंच रहे पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। बरसात के मौसम में कैमूर के पहाड़ी इलाकों की खूबसूरती देखने बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचते हैं। लेकिन पहाड़ों पर लगातार बारिश होने के कारण नदियों और जलप्रपातों में अचानक पानी बढ़ने का खतरा बना रहता है। इसी को देखते हुए वन विभाग ने पर्यटकों को नदी और झरनों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

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डीएफओ
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तेज बहाव के बीच नदी के पास जाने से रोक रहे वालेंटियर
करकटगढ़ में पर्यटकों की सुरक्षा के लिए वन विभाग ने वालेंटियरों की तैनाती की है। मौके पर मौजूद वालेंटियर सैलानियों को बढ़े जलस्तर और तेज बहाव की जानकारी देने के साथ उन्हें जोखिम वाले स्थानों पर जाने से रोक रहे हैं। विभाग की ओर से लोगों को लगातार समझाया जा रहा है कि बारिश के दौरान पहाड़ी नदियों का पानी कभी भी अचानक बढ़ सकता है। पहाड़ी क्षेत्र में ऊपर हुई बारिश का असर नीचे बहने वाली नदी या जलप्रपात में कुछ ही समय बाद दिखाई दे सकता है। ऐसे में पानी के किनारे खड़े होना या नदी में उतरना बेहद खतरनाक हो सकता है।

DFO ने जारी की सुरक्षा अपील
वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO) संजीव रंजन ने सैलानियों से अपील की है कि वे प्राकृतिक स्थलों का आनंद लेते समय सुरक्षा को प्राथमिकता दें। उन्होंने लोगों से तेज बहाव वाले पानी के करीब नहीं जाने और नदी या जलप्रपात में उतरकर नहाने से पूरी तरह बचने को कहा है।  उन्होंने स्पष्ट किया कि बारिश के मौसम में जलस्तर में अचानक बदलाव हो सकता है, इसलिए पर्यटकों को वन विभाग और मौके पर तैनात सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करना चाहिए।

करकटगढ़ से लेकर बंशी खोह तक बढ़ी निगरानी
कैमूर के करकटगढ़, तेल्हारकुंड और बंशी खोह सहित अन्य पहाड़ी पर्यटन स्थलों पर बारिश के बाद जलस्तर बढ़ा है। करमचट डैम क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में लोग बरसात के दौरान प्राकृतिक नजारा देखने पहुंचते हैं। वन विभाग का कहना है कि पर्यटन स्थलों पर लोगों की आवाजाही के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है। खासकर उन स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है, जहां पानी का बहाव तेज है या अचानक जलस्तर बढ़ने की आशंका रहती है।

रोमांच के चक्कर में जोखिम न उठाएं सैलानी
बरसात में कैमूर के झरने और पहाड़ी नदियां आकर्षण का केंद्र जरूर बन जाती हैं, लेकिन यही मौसम हादसों के लिहाज से भी संवेदनशील होता है। विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों से ही प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लें और फोटो या रोमांच के लिए तेज बहाव वाले पानी के नजदीक जाने से बचें। वन विभाग की टीम फिलहाल पहाड़ी क्षेत्रों में जलस्तर और पर्यटकों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। विभाग का साफ संदेश है—बारिश के मौसम में पर्यटन का आनंद लें, लेकिन तेज बहाव वाले पानी से दूरी बनाए रखें।

 

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