Bihar, पटना: फर्जी सरकारी नौकरी घोटाले के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार सहित देश के छह राज्यों में एक साथ छापेमारी अभियान चलाया है। प्रारंभिक जांच में यह घोटाला रेलवे से जुड़ा हुआ सामने आया था, लेकिन ईडी की विस्तृत जांच में इसका दायरा 40 से अधिक सरकारी विभागों तक फैला हुआ पाया गया है।
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ईडी की टीम ने बिहार के मुजफ्फरपुर और मोतिहारी, पश्चिम बंगाल के कोलकाता, केरल, तमिलनाडु, गुजरात और उत्तर प्रदेश में कुल 15 ठिकानों पर तलाशी अभियान शुरू किया है। इस कार्रवाई में एक संगठित जालसाज गिरोह के नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जो लंबे समय से सरकारी नौकरी के नाम पर लोगों को ठग रहा था।
सूत्रों के अनुसार यह गिरोह सरकारी विभागों के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र जारी करता था। उम्मीदवारों को भ्रमित करने के लिए सरकारी डोमेन से मिलते-जुलते नकली ई-मेल आईडी का इस्तेमाल किया जाता था, जिससे नियुक्ति पूरी तरह असली प्रतीत होती थी।
पीड़ितों का विश्वास जीतने के लिए गिरोह ने कुछ अभ्यर्थियों को रेलवे सुरक्षा बल (RPF), टिकट चेकर और तकनीशियन जैसे पदों पर नियुक्त दिखाया। इतना ही नहीं, कई मामलों में 2 से 3 महीने का शुरुआती वेतन भी दिया गया, ताकि किसी तरह का संदेह न हो। इसके बाद अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूल ली जाती थी।
ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि यह धोखाधड़ी केवल रेलवे तक सीमित नहीं थी। वन विभाग, आयकर विभाग, उच्च न्यायालय, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), बिहार सरकार समेत कई अन्य सरकारी संस्थानों के नाम पर भी फर्जी नियुक्तियों का जाल फैलाया गया था।
फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई जारी है और इस बड़े घोटाले में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।