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सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और इलाके का निरीक्षण करने के बाद मगरमच्छ को पकड़ने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया। काफी सावधानी के साथ टीम ने पोखरे में मौजूद मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। मगरमच्छ के रेस्क्यू होते ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। खासकर पोखरे के आसपास आने-जाने वाले बच्चों और स्थानीय लोगों के लिए संभावित खतरा टल गया। कैमूर के डीएफओ संजीव रंजन ने बताया कि बभनी गांव के पोखरे में मगरमच्छ होने की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम को तत्काल भेजा गया था। टीम ने मौके पर पहुंचकर सफलतापूर्वक मगरमच्छ को रेस्क्यू कर लिया है।
डीएफओ के अनुसार, रेस्क्यू किए गए मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से करकटगढ़ जलप्रपात क्षेत्र में छोड़ा जाएगा, जहां वह प्राकृतिक वातावरण में रह सकेगा। वन विभाग की त्वरित कार्रवाई के बाद गांव में स्थिति सामान्य हो गई। ग्रामीणों ने विभाग की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते मगरमच्छ को पकड़ लिए जाने से बड़ी अनहोनी की आशंका टल गई। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि आबादी वाले इलाके में यदि कोई जंगली या वन्यजीव दिखाई दे तो उसके करीब जाने, उसे पकड़ने या परेशान करने की कोशिश न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचना दें, ताकि वन्यजीव और लोगों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।



