Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

डीजीपी तक पहुंचा वीडियो, फिर शुरू हुई जांच
जानकारी के अनुसार बहुअरवा गांव निवासी सतीश कुमार का एक वीडियो पुलिस मुख्यालय तक पहुंचा था। वीडियो में उसके सलखुआ थाना में प्रभाव और पुलिसकर्मियों से नजदीकी संबंधों की चर्चा थी। शिकायत मिलने के बाद डीजीपी के निर्देश पर डीआईजी ने सलखुआ थाना पहुंचकर पूरे मामले की गहन जांच की। छापेमारी में बरामद हुईं तीन थानों की मूल केस डायरी औचक जांच के दौरान गोसपुर मंदिर के समीप पुलिस ने सतीश कुमार को एक पल्सर बाइक के साथ रोका। तलाशी लेने पर उसके बैग से लैपटॉप, की-बोर्ड, माउस, चार्जर के अलावा पिपरा, सलखुआ और नवहट्टा थाना की मूल कांड दैनिकी (केस डायरी) बरामद हुई। सरकारी दस्तावेज एक निजी व्यक्ति के पास मिलने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
दलाली और मादक पदार्थ सिंडिकेट चलाने का आरोप
जांच में सामने आया कि आरोपी सलखुआ थाना में कथित तौर पर दलाली करता था और पुलिस अधिकारियों की मदद से केस डायरी लिखने जैसे सरकारी कार्यों में भी शामिल रहता था। आरोप है कि उसका भाई चंद्रकिशोर रजक क्षेत्र में मादक पदार्थों के सिंडिकेट का संचालन करता था, जिसमें आरोपी की भी भूमिका की जांच की जा रही है।
एसआईटी गठित, आरोपी भेजा गया जेल
पूरे मामले की जांच के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सिमरी बख्तियारपुर मुकेश ठाकुर के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है। सलखुआ थाना कांड संख्या 107/26 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी सतीश कुमार को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
इन 10 पुलिस अधिकारियों पर गिरी गाज
कार्रवाई के तहत सलखुआ थानाध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह, सुवेलाल पासवान, पंकज कुमार, जूही कुमारी, शिशुपाल रविदास, अरमोद कुमार, चन्द्रजीत प्रभाकर, पिंकी कुमारी, मनीषा कुमारी और घैलाढ़ थानाध्यक्ष ज्योतिष कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।