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करंट लगते ही वह गंभीर रूप से झुलसकर मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने घटना देख तुरंत उन्हें वहां से हटाकर घर पहुंचाया।
परिजनों और ग्रामीणों ने पहले घरेलू तरीके से उपचार करने की कोशिश की। करीब दो से तीन घंटे तक शरीर पर राख आदि लगाकर होश में लाने का प्रयास किया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें आनन-फानन में भभुआ सदर अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने गंभीर स्थिति देखते हुए बेहतर इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। हालांकि ट्रॉमा सेंटर ले जाने के दौरान रास्ते में ही राजेश प्रसाद ने दम तोड़ दिया।
घटना के बाद परिजन शव लेकर चैनपुर थाना पहुंचे और पुलिस को पूरी जानकारी दी। मृतक के रिश्तेदार नंदू बिंद ने बताया कि राजेश प्रसाद अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र, दो पुत्रियां और गर्भवती पत्नी को छोड़ गए हैं। अचानक हुई इस घटना से परिवार पूरी तरह टूट गया है और गांव में शोक का माहौल है। मामले में चैनपुर थानाध्यक्ष विजय प्रसाद ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भभुआ सदर अस्पताल भेजा। गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।



