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समिति को घटनास्थल पर जाकर पूरे मामले की जांच करने तथा उपलब्ध तथ्यों के आधार पर दो दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासन ने प्रारंभिक सूचना के आधार पर संबंधित खनन सब-इंस्पेक्टर (Mining SI) और घटना के दौरान ड्यूटी पर तैनात गृह रक्षकों (होमगार्ड जवानों) के सितंबर माह के वेतन भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। बताया गया है कि जांच समिति की रिपोर्ट और क्लियरेंस प्राप्त होने के बाद ही संबंधित कर्मियों के वेतन भुगतान पर आगे निर्णय लिया जाएगा।
जिला प्रशासन ने साफ किया है कि सरकारी पद पर रहते हुए कानून को हाथ में लेने, किसी व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार करने या पद का दुरुपयोग करने की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर यदि किसी कर्मी की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध विधि सम्मत अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अब जांच समिति की रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि ट्रक चालक के साथ कथित मारपीट की घटना में वास्तविक स्थिति क्या थी और इसमें कौन-कौन लोग जिम्मेदार थे।



